
जयपुर: हाईकोर्ट ने जयपुर के रामगढ़ बांध को लेकर अब तक किए गए प्रयासों पर असंतोष जाहिर करते हुए मौखिक टिप्पणी की कि शर्मनाक है, 2012 से रिपोर्ट के नाम पर कागज भर रहे हो। धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है। अब ज्यादा समय नहीं दिया जाएगा। इसी दौरान राज्य सरकार ने बताया कि ईसरदा बांध से पाइप लाइन से पानी लाया जाएगा, 2028 तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि 105 किमी दूर से पानी लाने की बात करते हो, 5 किमी में अतिक्रमण तो हट नहीं रहे। कोर्ट ने राजस्व न्यायालयों में लंबित रेफरेंस प्रकरणों और उनकी सुनवाई से संबंधित जानकारी पेश करने को कहा। वहीं, जयपुर कलक्टर को तलब किया है। अब 30 जुलाई को दोपहर दो बजे सुनवाई होगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश भुवन गोयल की खंडपीठ ने रामगढ़ बांध मामले पर गुरुवार को सुनवाई की। कोर्ट ने राजस्थान पत्रिका में 2011 में 'मर गया रामगढ़' शीर्षक से प्रकाशित समाचार व मार्मिक फोटो के आधार पर स्वप्रेरणा से जनहित याचिका दर्ज की। सुनवाई के दौरान जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त सिद्धार्थ महाजन, राजस्व विभाग के अधिकारी वीसी के जरिए पेश हुए।
हाईकोर्ट में दोपहर सवा दो बजे जब रामगढ़ बांध पर सुनवाई हो रही थी, उसी दौरान जमवारामगढ़ और आसपास के निवासी बांध के पुनर्जीवित होने की आस लेकर अदालती कार्रवाई की जानकारी ले रहे थे। इनसे बात की गई तो उनका स्पष्ट रूप से कहना था कि अतिक्रमणों को ड्रोन-रिमोट सेंसिंग या अन्य किसी तरीके से चिन्हित कर प्रशासन को बिना दबाव तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे पानी आने के रास्ते में खड़ी दीवार हटें और इसी मानसून में पानी आने की उम्मीद पूरी हो सके।
रामगढ़ बांध के कैचमेंट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने संबंधी हाईकोर्ट का आदेश स्वागतयोग्य है। प्रशासन को बिना दबाव तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। बाणगंगा व सहायक नदियों का ड्रोन और रिमोट सेंसिंग सर्वे कर सीमांकन करते हुए सभी अतिक्रमण हटाए जाएं।
-रामजी लाल मीणा, अध्यक्ष, रामगढ़ बांध बचाओ संघर्ष समिति, जमवारामगढ़
रामगढ़ बांध के पुनर्जीवन का सबसे बड़ा आधार कैचमेंट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करना है। केवल कागजी कार्रवाई से बांध का संरक्षण संभव नहीं। बाणगंगा और सहायक नदियों का सीमांकन कर अवैध आवंटन निरस्त करने के साथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाए।
-तुलसीदास चिंतामणि, निवासी जमवारामगढ़
रामगढ़ बांध के पुनर्जीवन के लिए गठित मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर अमल जरूरी है। कैचमेंट क्षेत्र के ड्रोन सर्वे की घोषणा अब तक पूरी नहीं हुई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद रिमोट सेंसिंग और ड्रोन सर्वे कर सीमांकन तुरंत किया जाए।
-रुक्मणी मीणा, प्रशासक, ग्राम पंचायत धूलाराव जी
रामगढ़ बांध के कैचमेंट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के हाईकोर्ट आदेश की प्रभावी पालना नहीं हुई है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण कब्जे बढ़ रहे हैं। सरकार को बिना भेदभाव अभियान चलाकर सभी अतिक्रमण तत्काल हटाने चाहिए।
-पवन कुमार शर्मा, युवा नेता, निवासी खवारानी जी
कोर्ट ने कहा कि रामगढ़ के संबंध में राजस्व मंडल में कितने रेफरेंस हुए और उनकी क्या स्थिति है। मौके पर फॉर्म हाउस बन गए हैं, जहां आए दिन पार्टियां होती हैं। शपथ पत्र पर इन रेफरेंस की जानकारी दी जाए, यह भी बताया जाए कि इन प्रकरणों में किसकी ढिलाई रही। महाधिवक्ता ने कहा कि ग्राउंड रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। दो मीटर से अधिक ऊंचाई वाले एनीकट तोड़ दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जो हैं वे भी बांध में पानी आने के रास्ते में बाधा तो हैं। 2012 से रिपोर्ट पेश कर कागज भरे जा रहे हैं, धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है।
महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ईसरदा बांध से 105 किमी लंबी पाइप लाइन के जरिए रामगढ़ बांध में पानी लाया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने बताया कि प्रोजेक्ट 2028 तक पूरा हो जाएगा और यह पानी पीने के काम आएगा। पहले यह पानी चैनल के जरिए लाया जाना था, लेकिन पानी रास्ते में रोके जाने की आशंका के कारण अब पाइप लाइन से लाया जाएगा।
न्यायमित्र अधिवक्ता अभिनव शर्मा ने कहा कि रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण हैं और एनीकट बने हुए हैं। बांध के प्रवाह क्षेत्र में आवंटन रद्द करने के लिए 600 रेफरेंस पेश हुए, अब तक कुछ नहीं हुआ। विराट नगर की जिस 600 बीघा जमीन को पहले नाले में बताकर अब्दुल रहमान प्रकरण का हवाला देते हुए नामांतरण खोलने से मना कर दिया, 2024 में नामांतरण खोल दिया।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि रामगढ़ बांध को बचाना एक आदमी का काम नहीं है। इसके प्राकृतिक प्रवाह को बचाना पहली, दूसरी या तीसरी जेनरेशन सभी की जिम्मेदारी है। इस पर महाधिवक्ता ने समय देने का आग्रह किया। इसी दौरान कोर्ट ने कहा कि शपथ पत्र के जरिए यह बताया जाए, रामगढ़ बांध में पानी किस तरह आएगा। इसे बचाने के लिए क्या किया जा रहा है और क्या किया जाएगा?