जयपुर

रामगढ़ बांध पर सीएम भजनलाल शर्मा के साथ हजारों लोग करेंगे श्रमदान, प्रशासन ने शुरू की तैयारी

राजस्थान पत्रिका द्वारा रामगढ़ बांध को पुनर्जीवित करने के लिए चलाए जा रहे ‘अमृतं जलम्’ महाभियान और राज्य सरकार के ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ के अंतर्गत पांच जून को होने वाले श्रमदान कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं।

3 min read
Jun 04, 2025
रामगढ़ बांध (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

जयपुर: राजस्थान पत्रिका द्वारा रामगढ़ बांध को पुनर्जीवित करने के लिए चलाए जा रहे ‘अमृतं जलम्’ महाभियान और राज्य सरकार के ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ के अंतर्गत पांच जून को होने वाले श्रमदान कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। इस कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित कई जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम सुबह सात बजे से शुरू होगा।


मंगलवार को जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी और जयपुर ग्रामीण एसपी आनंद शर्मा ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ श्रमदान स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र पाल मीना भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते हुए 25 श्रमदान ब्लॉक बनाने, मुख्य पाल की सफाई और झाड़ियों की कटाई के निर्देश दिए।


जलाभिषेक और पौधारोपण की तैयारी


पांच जून को जलेश्वर महादेव शिव मंदिर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से गंगाजल से जलाभिषेक किया जाएगा। वन विभाग की ओर से एक हजार पौधों की व्यवस्था और तुलसी पौधे का वितरण किया जाएगा। जलाभिषेक अनुष्ठान की जिम्मेदारी देवस्थान विभाग को सौंपी गई है।

सांसद राव राजेंद्र सिंह ने बताई यह बात


जयपुर ग्रामीण से सांसद राव राजेंद्र सिंह ने मंगलवार को रामगढ़ बांध से जुड़ी अपनी स्कूली शिक्षा की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि यह बांध सिर्फ पेयजल आपूर्ति और पर्यावरण सुरक्षा का माध्यम नहीं था। बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रकृति को समझने की एक जीवंत पाठशाला भी था। सांसद सिंह ने कहा कि पानी से लबालब भरे रामगढ़ बांध को देखना अपने आप में एक अलग अनुभव था। यह सिर्फ एक बांध नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षण स्थल की तरह था।


उन्होंने बताया कि साल 1971-72 में जब वह जयपुर में अध्ययनरत थे, तब स्कूल में जल स्रोत और बांधों के बारे में पढ़ाया जाता था। इसके बाद छात्रों को वास्तविक अनुभव देने के लिए उन्हें रामगढ़ बांध का दौरा कराया जाता था, ताकि वे प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें कि बांध और जलस्रोत किस प्रकार कार्य करते हैं।


फिल्टर प्लांट का भी कराया जाता था अवलोकन


सांसद सिंह ने बताया कि रामगढ़ बांध से पानी लक्ष्मण डूंगरी स्थित फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जाता था। बांध भ्रमण के बाद हमें वहां भी ले जाया जाता था, जहां बताया जाता कि पानी कैसे शुद्ध किया जाता है। उन्होंने कहा कि उस समय फिल्टर प्लांट का पानी इतना साफ होता था कि छात्र वहीं नल से पानी पी लेते थे, जो आज के समय में कल्पना भी नहीं की जा सकती।


प्राकृतिक जुड़ाव और सेवा की भावना भी जुड़ी थी रामगढ़ से


सांसद सिंह ने बताया कि स्कूल की ओर से राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तहत भी छात्रों को रामगढ़ बांध ले जाया जाता था। ‘हम वर्षा ऋतु में खेतों की टूटी हुई मेड़ और दीवारों को ठीक करते थे। यह हमारे लिए न केवल सेवा कार्य था, बल्कि प्रकृति से सीधा साक्षात्कार भी था। हम आसपास के गांवों में जाते थे, ग्रामीण जीवन और पर्यावरण को बेहद करीब से देखते-समझते थे।’


1778 कार्यों का लोकार्पण और अवलोकन


जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि ग्रामीण विकास, जल संसाधन, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों की 56.49 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 1778 कार्यों का लोकार्पण एवं अवलोकन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्र में गलता तीर्थ, जग्गा की बावड़ी, खनिया की बावड़ी जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर भी श्रमदान, पौधारोपण और सफाई अभियान आयोजित किए जाएंगे।


श्रमदान के लिए विशेष व्यवस्थाएं


-खोदी गई मिट्टी को बाहर ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की व्यवस्था।
-श्रमदान स्थल पर दमकल वाहन, मेडिकल टीम, एंटी स्नेक बाइट इंजेक्शन, ह्रक्त्रस्स् घोल और पेयजल की व्यवस्था।
-महिलाओं के लिए अस्थाई शौचालय और बांध की पाल पर चल शौचालय लगाए जाएंगे।


जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने अपने लोकसभा क्षेत्र के कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल, विराटनगर विधायक कुलदीप धनकड़, बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत से चर्चा करते हुए रामगढ़ बांध पुनर्जीवन के पत्रिका प्रयास की सराहना की। उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र से अधिक से अधिक लोगों को श्रमदान कार्यक्रम में शामिल करें।


राजस्थान पत्रिका की अग्रणी भूमिका


राजस्थान पत्रिका ने हमेशा ही जल संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। रामगढ़ बांध सहित अन्य जलाशयों के संरक्षण के लिए उसके प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। रामगढ़ बांध को पुनर्जीवित करने का अभियान अब जन-जन का अभियान बन चुका है, जो निसंदेह जल संकट के समाधान की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।


इस दिशा में शासन और समाज को संवेदनशील बनाने का कार्य भी राजस्थान पत्रिका ने प्रभावी ढंग से किया है। यह पहल न केवल भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि पर्यावरण चेतना को भी बल प्रदान करेगी। पत्रिका का यह प्रयास राजस्थान ही नहीं, अपितु पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा।
…डॉ. रिपुन्जय सिंह, सदस्य (राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड)

Updated on:
04 Jun 2025 06:03 pm
Published on:
04 Jun 2025 09:41 am
Also Read
View All

अगली खबर