जयपुर

रामगढ़ बांध का पानी रोकने की आशंका? नाले के बहाव क्षेत्र में बन गई सड़क, ड्रोन सर्वे से खुलेंगे अतिक्रमण के राज

Ramgarh Dam: रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में प्राकृतिक नाले पर दीवार और ग्रेवल सड़क निर्माण की शिकायत पर राजस्व टीम ने मौके का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में निर्माण को जल निकासी में बाधा बनने की आशंका जताई गई। टीम ने रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को सौंपी है।
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Updated: 28 Jul 2026, 7:32 AM IST
Ramgarh Dam Encroachment
धौला स्थित प्राकृतिक नाले के बहाव एरिया का निरीक्षण करती राजस्व टीम (पत्रिका फोटो)

Ramgarh Dam Encroachment: गठवाड़ी (जयपुर): जमवारामगढ़ तहसील क्षेत्र की धौला ग्राम पंचायत में जयपुर-प्रतापगढ़ रोड स्थित प्राकृतिक नाले में बनी दीवार और ग्रेवल सड़क निर्माण का सोमवार को राजस्व टीम ने मौका निरीक्षण किया। टीम ने मौका रिपोर्ट तैयार करते हुए दीवार और ग्रेवल सड़क निर्माण को पानी के बहाव क्षेत्र में बाधा मानते हुए पानी की निकासी की आवश्यकता बताई।

गौरतलब है कि इस प्राकृतिक नाले में धौला पहाड़ी की ओर से बारिश के पानी का बहाव होकर रामगढ़ बांध को भरने वाली बाण गंगा नदी में जाकर मिलता है। नाले के बहाव क्षेत्र में ठेकेदार ने जयपुर-प्रतापगढ़ स्टेट हाईवे से निर्माणाधीन 132 केवी जीएसएस तक नियमों को दरकिनार कर पानी निकासी की व्यवस्था किए बिना दीवार बनाकर ग्रेवल सड़क का निर्माण कर दिया।

धौला नायब तहसीलदार राजबहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान गिरदावर चौथमल मीणा और हलका पटवारी राहुल जांगिड़ ने मौका रिपोर्ट तैयार की। राजस्व टीम नेअब मंगलवार को जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण का जायजा लेंगे।

ड्रोन सर्वे हो तो खुलेंगे कई राज

ग्रामीणों ने रामगढ़ बांध को भरने वाली मुख्य बाण गंगा नदी सहित नदी-नालों का ड्रोन सर्वे कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बाण गंगा नदी के उद्गम स्थल विराटनगर के दौलाज की पहाड़ियों से लेकर रामगढ़ बांध तक, अमरसर की पहाड़ियों से निकलने वाली माधोवेणी नदी, अचरोल नदी सहित अन्य सहायक नालों में अतिक्रमण का जाल फैला हुआ है।

ग्रामीणों ने कहा कि सरकार रामगढ़ बांध कैचमेंट एरिया से जुड़े नदी-नालों का ड्रोन सर्वे कराए तो कई मामले सामने आ सकते हैं। ग्रामीणों ने जल्द ड्रोन सर्वे कराने की मांग की है।

पत्रिका ने उठाया मामला

मामले को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 24 जुलाई को '105 किमी से पानी लाने की बात करते हो, 5 किमी में तो कब्जे नहीं हट रहे' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले को प्रमुखता से उठाया था। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद तहसील प्रशासन और जल संसाधन विभाग हरकत में आए हैं और दीवार निर्माण को लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू की गई है।

Updated on:
28 Jul 2026, 7:32 AM IST
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