
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे छात्र आंदोलन और NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधारों की मांग को लेकर पिछले करीब एक महीने से चल रहे इस आंदोलन में अब राजस्थान के दो सबसे लोकप्रिय युवा चेहरों की एंट्री हो गई है। बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग और लाठीचार्ज के बाद इन दोनों नेताओं ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनरत विद्यार्थियों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया।
जंतर-मंतर के मंच पर पहुंचते ही राजस्थान के फायरब्रांड छात्र नेता निर्मल चौधरी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर जमकर निशाना साधा। निर्मल चौधरी ने मीम्स और सोशल मीडिया ट्रेंड्स का जिक्र करते हुए अनोखे अंदाज में कहा कि प्यारे मीम बना-बनाकर स्टूडेंट्स इस्तीफा मांग रहे हैं कि 'कुचू मुचू प्यार से इस्तीफा दे दीजिए ना', लेकिन धर्मेंद्र प्रधान जी इस्तीफा तो आपको देना ही पड़ेगा, चाहे आप आज दें या कल।
निर्मल ने कहा कि लोकतांत्रिक देशों की यह स्थापित परंपरा रही है कि जब देश का युवा और छात्र सड़कों पर उतरे, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। लेकिन यहां युवाओं के सामने पुलिस की लाठियां और तोपें खड़ी की जा रही हैं, जिसे देश का छात्र कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजस्थान सहित पूरे देश के युवाओं के हक और भविष्य के लिए लड़ना उनका कर्तव्य है और सरकार को इस पूरे धांधली मामले में सख्त जवाबदेही तय करनी होगी।
छात्र राजनीति की नर्सरी से निकलकर राजस्थान विधानसभा पहुंचे विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बेहद गंभीर और संजीदा अंदाज में छात्रों के दर्द को सरकार के सामने रखा। भाटी ने कहा कि सरकारों को हमेशा अपने नागरिकों और छात्रों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
उन्होंने कहा, "सरकार ने हमेशा संवेदनशील होना चाहिए, सरकार में करुणा होनी चाहिए। जो सख्त होता है वो अक्सर टूट जाया करता है और जो नरम होता है वो रास्ता निकाल लिया करता है।"
भाटी ने कहा कि सड़कों पर बैठे ये छात्र देश का भविष्य हैं, इसलिए सरकार को हठधर्मिता छोड़कर तुरंत संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
संसदीय व्यवस्था और सरकारी तंत्र पर बात करते हुए शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने देश के एजुकेशन सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए एक बुनियादी बदलाव का सुझाव दिया। भाटी ने कहा कि जब तक किसी भी पंच, सरपंच, विधायक (MLA), सांसद (MP) और बड़े अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों और सरकारी कॉलेजों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक देश की शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों के बच्चे खुद इन संस्थानों में पढ़ेंगे, तो सुविधाओं और पारदर्शिता में सुधार अपने आप होने लगेगा।
दिल्ली में चल रहा यह प्रदर्शन अब केवल दिल्ली तक सीमित न रहकर राजस्थान और देश भर के राज्यों के युवाओं का मुख्य केंद्र बन चुका है।इस आंदोलन को प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला हुआ है, जिससे युवाओं का हौसला काफी बढ़ा हुआ है।
दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजस्थान की राजधानी जयपुर के जवाहर सर्किल पर भी सैकड़ों युवाओं ने एकत्र होकर विरोध-प्रदर्शन किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए कल की कैबिनेट बैठक में और कड़े फैसले लिए जाएंगे।एक्स पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साझा किया, "प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई के संबंध में कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे!''