
जयपुर/नई दिल्ली। ब्लैक मनी खत्म करने के लिए की गई नोटबंदी के बाद जारी 2000 रुपए के नोट पर भी क्या कालेधन के कारोबारियों ने कुंडली मार ली है? या रिजर्व बैंक ने ही बड़े नोटों की सप्लाई कम कर दी है? 2000 रुपए के नोटों की कमी चर्चा का विषय बना हुआ है। राजस्थान सहित मध्य प्रदेश , बिहार और गुजरात के अलावा भी कई राज्यों से कैश किल्लत की खबरें कई बार सामने आ चुकी हैं। इन सब खबरों के बीच आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा है कि 500, 200 और 100 रुपए मूल्य के नोट लेनदेन में सुविधाजनक हैं और अतिरिक्त मांग पूरी करने के लिए 500 रुपए के नोटों की छपाई हर दिन 3000 करोड़ रुपये तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि देश में कैश की स्थिति काफी अच्छी है और अतिरिक्त मांग भी पूरी हो रही है।
2,000 के नोटों की छपाई बंद
अब 2000 रुपए के नए नोटों की छपाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह तक 85 फीसदी एटीएम चालू हो गए थे। कई राज्यों में कैश की किल्लत के बीच अब 100 रुपए के पुराने, मटमैले नोटों की वजह से संकट और गहरा सकता है। बैंकर्स का कहना है कि एटीएम के लिए 100 के नोटों की सप्लाई कम है।
बढ़ाई 500 रुपए के नोटों की सप्लाई
पूरे देश से अभी भी कहीं-कहीं नोटों को किल्लत की खबरें आती रहती हैं। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा है देश में नकदी की स्थिति ठीकठाक है। 2000 रुपए के नोट की छपाई बंद होने से होने वाली किल्लत को दूर करने के लिए 500 के नोट की छपाई और सप्लाई बढ़ी दी गई है। गर्ग ने बताया कि अब 500 रुपए के नोट की छपाई हर दिन 3 हजार करोड़ रुपए तक बढ़ा दी है। गर्ग ने कहा है कि नकली नोटों की समस्या से निपटने के लिए नोटों में सिक्योरिटी फीचर बढ़ाए जा रहे हैं।
देश में कैश की समस्या नहीं
आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र ने कहा है कि इस समय देश में कहीं भी कैश की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में कैश उपलब्ध है और मांग के अनुरूप कैश की आपूर्ति भी की जा रहा है। गर्ग के अनुसार इस समय देश के करीब 85 फीसदी एटीएम सुचारू ढंग से काम कर रहे हैं। बैंकों की अतिरिक्त मांग के अनुसार भी नोटों की आपूर्ति भी की जा रही है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले खबरे जारों पर थी कि प्रदेश के कई जिलों के एटीएम में कैश खत्म हो गया है। 2000 रुपए के नोटों की कमी तो पूरे प्रदेश में दिखने लगी थी। जिससे लोगों को लेन-देन में काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा। नकदी की कमी प्रदेश सरकार के लिए भी परेशानी बन गई थी। कमी के चलते एटीएम में भी बड़े नोटों की किल्लत देखी गई। सबसे ज्यादा परेशानी 2000 के नोट को लेकर रही। मध्यप्रदेश सहित देश के अनेक राज्यों में एटीएम में नकदी की कमी के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुछ लोग 2,000 के नोट दबाकर नकदी की कमी पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। इस बारे में बैंक अधिकारियों का कहना है कि 2000 के नोट की जमाखोरी हो रही है। इस वजह से किल्लत बढ़ गई। बैंक एटीएम में छोटे नोट डाल रहे हैं, जिससे उनमें कैश जल्दी खत्म हो जाता है।