— स्कूलों ने बोर्ड को नहीं भेजे आॅनलाइन सत्रांक, बोर्ड के परिणाम में हो सकती है देरी, रुक सकता है हजारों विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम
जयपुर। प्रदेशभर के स्कूलों की गलती का खामियाजा इस बार विद्यार्थियों को उठाना पड़ सकता है। प्रदेश के बहुत से स्कूलों ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान को अब तक आनलाइन सत्रांक नहीं भेजे हैं, जिसकी वजह से बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में देरी हो रही है। आज आने वाले वाणिज्य और विज्ञान वर्ग के परिणाम में भी सत्रांक नहीं मिलने से बहुत से विद्यार्थियों का परिणाम प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही 12 वीं कला वर्ग, 10 वीं और 8 वीं कक्षा का परिणाम भी प्रभावित हो सकता है।
परिणाम में ऐसे हो रही देरी
12 वीं साइंस और कॉमर्स वर्ग का परीक्षा परिणाम पिछले साल 15 मई को आया था, जो इस बार आज शाम को जारी किया जाएगा। इसके पीछे बड़ा कारण हैं, प्रदेशभर के सरकारी और निजी स्कूल। निजी स्कूलों की संख्या ज्यादा है, जिन्होंने अभी तक सत्रांक नहीं भेजे हैं या फिर आधे—अधूरे भेजे हैं।
तीन बार बढ़ाई तिथि
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षा 2018 के आॅनलाइन सत्रांक बोर्ड को भेजने के लिए तीन बार तिथि बढ़ाई फिर भी स्कूलों ने सत्रांक नहीं भेजे। बोर्ड ने 8 अप्रेल तक का आॅनलाइन सत्रांक भेजने का समय स्कूलों को दिया,इसके बाद विलम्ब शुल्क से 15 अप्रेल और दोगुना शुल्क से 22 अप्रेल तक का समय दिया था।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा नथमल डिडेल ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इस संबंध में संस्था प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डिडेल ने बताया कि अब तक अनेक विद्यालयों ने सत्रांक आॅनलाइन नहीं किए हैं। वहीं बहुत से विद्यालयों ने आंशिक रूप से सत्रांक भेजे हैं।
रुक सकता है परिणाम
निदेशक माध्यमिक शिक्षा नथमल डिडेल ने बताया कि विद्यालयों की लापरवाही के कारण संबंधित विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम रुक सकता है। उन्होंने बताया कि इससे विद्यार्थियों का भविष्य तो प्रभावित होगा ही साथ ही दूरगामी परिणाम भी संवीक्षा तक प्रभावित होंगे।
नहीं आए सत्रांक
स्कूलों ने अभी तक सत्रांक नहीं भेजे हैं, जिसकी वजह बोर्ड परिणाम में देरी हो रही है।
बी.एल.चौधरी, चेयरमैन, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान