जयपुर

फोन की चकाचौंध में खोते रिश्ते: बच्चे एआई को बना रहे अपना साथी

smartphone addiction: डिनर टेबल पर स्मार्टफोन का बढ़ता साया। रिश्तों को बचाने का आसान तरीका स्विच ऑफ करें फोन।
2 min read
Dec 16, 2025
Feature image

मोहित शर्मा.

AI as companion: जयपुर. स्मार्टफोन ने जीवन को आसान तो बना दिया, लेकिन परिवारों के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ा दी है। वीवो की 'स्विच ऑफ स्टडी 2025' में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे बताते हैं कि माता-पिता की व्यस्तता के कारण बच्चे अब अपनी बातें साझा करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा ले रहे हैं। यह स्टडी भारत के आठ बड़े शहरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बैंगलोर, अहमदाबाद और पुणे) में 1517 लोगों (1017 अभिभावक और 500 बच्चे, आयु 10-16 साल) पर आधारित है, जो साफ दिखाती है कि डिजिटल दुनिया रिश्तों की जगह ले रही है। यह रिपोर्ट साफ चेतावनी देती है कि तकनीक रिश्तों को मजबूत करने के लिए है, उनकी जगह लेने के लिए नहीं। छोटी आदतें बदलकर हम परिवार को फिर से जोड़ सकते हैं।

व्यस्त माता-पिता और AI का बढ़ता साथ

रिपोर्ट का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा यह है कि 67% बच्चे एआई टूल्स की ओर इसलिए मुड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके माता-पिता हमेशा व्यस्त रहते हैं। 54% बच्चे एआई का इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं, 61% होमवर्क के लिए, 63% अपनी ग्रोथ के लिए, और चौंकाने वाली बात यह कि 33% बच्चे एआइ को अपना साथी मानते हैं। नतीजा हर चार में से एक बच्चा (25% बच्चे) कहता है कि एआई की वजह से वह माता-पिता से कम बात करता है।भावनात्मक खाई गहरी हो रही है।

फोन का समय साझा पलों में बनता है बाधा 

अभिभावक रोजाना औसतन 4.4 घंटे फोन पर बिताते हैं, जो साझा पलों में बाधा बनता है। बच्चे महसूस करते हैं कि माता-पिता का बार-बार फोन देखना उनकी बातों को अनदेखा करना है, जिससे भावनात्मक खाई गहरी हो रही है।डिनर टेबल पर फोन का साया

डिनर का समय परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण

डिनर का समय परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण है 72% बच्चे मानते हैं कि यही वह वक्त है जब वे माता-पिता के सबसे करीब होते हैं। लेकिन यहां भी स्मार्टफोन बाधा बन जाता है। 72% अभिभावक और 30% बच्चे कहते हैं कि खाने की मेज पर फोन चेक करना बातचीत की सबसे बड़ी रुकावट है। अभिभावक डिनर के दौरान 53% समय फोन पर सक्रिय रहते हैं, जबकि बच्चे केवल 32% । इससे बातें अधर में लटक जाती हैं और बच्चे खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं। राहत की बात यह कि बदलाव संभव है 91% बच्चे कहते हैं कि फोन दूर रखने पर बातचीत ज्यादा सहज और गहरी हो जाती है। 87% बच्चे फोन-फ्री डिनर में ज्यादा आराम से दिल की बात कह पाते हैं, और 81% अभिभावक महसूस करते हैं कि रिश्ते मजबूत हो रहे हैं।

मुख्य आंकड़े एक नजर में

67% बच्चे एआई इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि माता-पिता व्यस्त रहते हैं।
91% बच्चे फोन दूर रखने पर बातचीत ज्यादा अर्थपूर्ण लगती है।
72% बच्चे डिनर में माता-पिता के साथ सबसे ज्यादा समय बिताते हैं।
33% बच्चे एआई को अपना साथी मानते हैं।

समाधान के आसान उपाय

  • डिनर टाइम को पूरी तरह फोन-फ्री बनाएं।
  • नोटिफिकेशन बंद करें और साझा पलों में पूरी ध्यान दें।
  • छोटे-छोटे डिजिटल डिटॉक्स ट्राई करें इससे 59% अभिभावक और 57% बच्चे ज्यादा संतुलित महसूस करते हैं।
Updated on:
16 Dec 2025 02:16 pm
Published on:
16 Dec 2025 02:16 pm