जयपुर

IAS Arti Dogra : हाईकोर्ट से ‘महा-राहत’, ACB जांच पर रोक, जानें क्या है आरती डोगरा से जुड़ा पूरा विवाद?

राजस्थान कैडर की तेजतर्रार आईएएस अधिकारी और डिस्कॉम सीएमडी आरती डोगरा को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है, जहाँ खंडपीठ ने एकलपीठ द्वारा दिए गए एसीबी (ACB) जांच के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

2 min read
Apr 24, 2026
Arti Dogra - File PIC

राजस्थान की चर्चित आईएएस अधिकारी आरती डोगरा के लिए आज का दिन 'न्यायिक संजीवनी' लेकर आया। महज 24 घंटे के भीतर पासा पलट गया और राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के उस आदेश को स्थगित कर दिया, जिसमें आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार को हुई इस अहम सुनवाई के दौरान आरती डोगरा खुद न्यायालय में उपस्थित रहीं, जो इस मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

ये भी पढ़ें

Jaipur Metro : रौंगटे खड़े करने वाला हादसा टला, ‘देवदूत’ ने बचा ली बच्चे और महिला की जान, देखें CCTV Video

'जांच और प्रोसीडिंग्स दोनों ठप'

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किए।

  • तत्काल रोक: कोर्ट ने एकलपीठ के 23 अप्रैल के आदेश पर न केवल रोक लगाई, बल्कि उससे जुड़ी सभी भावी कार्यवाहियों (Proceedings) को भी अगले आदेश तक के लिए 'फ्रीज' कर दिया है।
  • दलीलों का प्रभाव: सीनियर एडवोकेट आर.एन. माथुर ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि यह मामला भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता है और लंबित विभागीय जांचों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
Artii Dogra - File PIC

विवाद की जड़: आखिर क्यों हुई थी ACB जांच की बात?

पूरा मामला डिस्कॉम में इंजीनियरों की डीपीसी (DPC) और विभागीय जांचों में हो रही अत्यधिक देरी से जुड़ा है।

  1. एकलपीठ का कड़ा रुख: 23 अप्रैल को सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने प्रशासनिक ढिलाई और देरी को देखते हुए आईएएस आरती डोगरा के खिलाफ एसीबी जांच के आदेश देकर सबको चौंका दिया था।
  2. डिस्कॉम सीएमडी की चुनौती: इस आदेश को तुरंत खंडपीठ में चुनौती दी गई, जहाँ दलील दी गई कि प्रशासनिक देरी को भ्रष्टाचार मानकर एसीबी को सौंपना तर्कसंगत नहीं है।

कौन हैं आरती डोगरा?

2006 बैच की आईएएस आरती डोगरा की पहचान राजस्थान में एक 'रिजल्ट ओरिएंटेड' अधिकारी के रूप में रही है:

  • सराहनीय अभियान: बीकानेर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने 'बंको बिकाणों' अभियान चलाकर खुले में शौच के खिलाफ देशव्यापी मिसाल पेश की थी।
  • अहम पदभार: वे बूंदी, अजमेर और बीकानेर की जिला कलेक्टर रह चुकी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में वे मुख्यमंत्री सचिव जैसे प्रभावशाली पद पर भी तैनात रहीं।
  • वर्तमान भूमिका: फिलहाल वे डिस्कॉम सीएमडी (CMD) के पद पर सेवाएं दे रही हैं, जहाँ बिजली विभाग की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमान उनके हाथों में है।

प्रशासनिक गलियारों में चर्चा: राहत या लंबी लड़ाई?

हाईकोर्ट के इस फैसले से राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी ने राहत की सांस ली है, क्योंकि किसी आईएएस के खिलाफ सीधे एसीबी जांच के आदेश से अधिकारियों के मनोबल पर असर पड़ता है। हालांकि, खंडपीठ ने मामले को अभी पूरी तरह खत्म नहीं किया है, बल्कि आगामी आदेश तक कार्यवाही रोकी है। ऐसे में अब नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं कि कोर्ट इस प्रशासनिक देरी पर क्या अंतिम टिप्पणी करता है।

ये भी पढ़ें

Toll Tax Fraud : घर के बाहर खड़े वाहनों के कट रहे ‘टोल टैक्स’! कहीं आपके साथ भी तो नहीं हो रहा ऐसा?
Updated on:
24 Apr 2026 05:28 pm
Published on:
24 Apr 2026 05:17 pm
Also Read
View All