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Toll Tax Fraud : घर के बाहर खड़े वाहनों के कट रहे ‘टोल टैक्स’! कहीं आपके साथ भी तो नहीं हो रहा ऐसा?

'टोल टैक्स' ठगी की घटनाएं कई लोगों के साथ हो चुकी हैं। ये आम जनता के साथ ऐसा फ्रॉड है जिसकी ना तो सही तरह से जांच हो पा रही है और ना ही इस नुकसान की कोई भरपाई ही कर रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से साफ़ है कि इन सभी फ्रॉड की घटनाओं के पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है।

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File PIC

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जरा सोचिये, आप अपने घर में सुकून से चाय पी रहे हैं, आपकी गाड़ी गैराज या घर के बाहर सुरक्षित खड़ी है और अचानक आपके मोबाइल पर मैसेज आता है- "आपकी गाड़ी का टोल टैक्स कट गया है!" सुनकर झटका लगना लाजिमी है, लेकिन बाड़मेर के सिवाना में एक शख्स के साथ यह हकीकत में हुआ है। डिजिटल इंडिया और 'हाईटेक' फास्टैग सिस्टम की इस 'जादुई' गड़बड़ी ने हर किसी को अचंभित कर दिया है।

पूरी कहानी: जब मोबाइल की घंटी ने उड़ाए होश

मामला सिवाना के मोकलसर रोड का है। यहाँ रहने वाले सेवानिवृत्त शारीरिक शिक्षक हमीद खां पठान की बोलेरो गाड़ी गुरुवार सुबह उनके घर के बाहर खड़ी थी।

  • समय: गुरुवार सुबह 10:31 मिनट।
  • घटना: हमीद खां के मोबाइल पर एक मैसेज फ्लैश हुआ। मैसेज में बताया गया कि उनकी पत्नी बिल्किस बानो के नाम दर्ज गाड़ी का 75 रुपये का टोल टैक्स कट गया है।
  • हैरानी: जिस वक्त मैसेज आया, हमीद खां अपनी खड़ी गाड़ी को ही देख रहे थे। गाड़ी न किसी हाईवे पर थी और न ही किसी टोल प्लाजा के पास। यह खबर सिवाना में जंगल की आग की तरह फैल गई और लोग इसे 'बिना सफर का टैक्स' कहने लगे।

क्या कोई बड़ा नेटवर्क कर रहा है काम?

ऐसा नहीं है कि ये मामला अभी का या किसी एक व्यक्ति विशेष का है। ठीक इसी तरह की ठगी की घटनाएं कई लोगों के साथ हो चुकी हैं। ये आम जनता के साथ ऐसा फ्रॉड हो रहा है जिसकी ना तो सही तरह से जांच हो पा रही है और ना ही इस नुकसान की कोई भरपाई कर रहा है। ठीक ऐसी फ्रॉड की घटनाएं पहले भी कुछ लोगों के साथ हो चुकी हैं।

फास्टैग सिस्टम पर 5 बड़े सवाल: आखिर चूक कहाँ?

इस घटना ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और फास्टैग जारी करने वाले बैंकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  1. बिना स्कैनिंग के पेमेंट कैसे?: फास्टैग 'रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन' (RFID) तकनीक पर काम करता है। जब गाड़ी घर पर खड़ी है, तो टोल के सेंसर ने उसे कैसे पढ़ा?
  2. क्लोनिंग का खतरा: क्या किसी और गाड़ी पर हमीद खां की गाड़ी के नंबर का 'फर्जी फास्टैग' लगा है? क्या टोल सिस्टम में क्लोनिंग का खेल चल रहा है?
  3. सिस्टम का 'अंधापन'?: क्या टोल प्लाजा के कैमरे और सेंसर इतने दोषपूर्ण हैं कि वे बिना गाड़ी की मौजूदगी के रैंडम नंबरों से पैसे काट रहे हैं?
  4. डेटा सिक्योरिटी: क्या वाहन स्वामियों का डेटा सुरक्षित है, या कोई थर्ड पार्टी एप्स सिस्टम में सेंध लगाकर लोगों की जेब खाली कर रहे हैं?
  5. रिफंड की जटिलता: गलत टोल कटने पर आम आदमी को रिफंड पाने के लिए कस्टमर केयर के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस मानसिक परेशानी का जिम्मेदार कौन है?

जनता में डर: क्या यह कोई नया साइबर फ्रॉड है?

सिवाना की इस घटना के बाद वाहन स्वामियों में डर है। लोगों का मानना है कि अगर घर खड़ी गाड़ियों के पैसे कटने लगेंगे, तो यह एक बड़ी लूट का हिस्सा हो सकता है। सेवानिवृत्त शिक्षक हमीद खां पठान ने इसे सिस्टम की बड़ी लापरवाही बताया है और इसकी शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।

इसलिए हो रही ऐसी गड़बड़ी

विशेषज्ञों के अनुसार, फास्टैग से गलत तरीके से टोल कटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें फास्टैग सिस्टम या सेंसर में तकनीकी खराबी, फास्टैग की हैकिंग, टोल प्लाजा के स्कैनर की गड़बड़ी जैसे कारण शामिल हैं।

यहां करें शिकायत

यदि गैराज में खड़ी गाड़ी से भी टोल कट जाए, तो पीड़ित एनएचएआई के टोल फ्री नंबर 1033 पर शिकायत के अलावा संबंधित टोल प्लाजा पर संपर्क कर अपनी शिकायत दे सकते हैं। गलत तरीके से कटा टोल साबित होने पर रिफंड भी मांग सकते हैं। लेकिन इसमें बड़ी समस्या ये है कि कटे हुए टोल की रकम पाने में उससे कई गुना ज्यादा पैसे और समय की बर्बादी करनी पड़ सकती है।

गलत टोल कटने पर क्या करें? (रिफंड प्रक्रिया)

यदि आपकी गाड़ी भी घर पर है और टोल कट गया है, तो आप इन माध्यमों से शिकायत कर सकते हैं:

  1. हेल्पलाइन नंबर: NHAI के टोल-फ्री नंबर 1033 पर तुरंत कॉल करें।
  2. ईमेल: अपनी शिकायत falsededuction@ihmcl.com पर भेजें।
  3. बैंक से संपर्क: जिस बैंक का आपका फास्टैग है, उसके कस्टमर केयर पर डिस्प्यूट (dispute) दर्ज कराएं।
  4. जुर्माना: NHAI ने गलत कटौती करने वाली टोल एजेंसियों पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है।

सावधानी: अपने फास्टैग को सीधे बैंक खाते के बजाय एक डिजिटल वॉलेट से लिंक रखें ताकि बैंक खाते की सुरक्षा बनी रहे।