
Accident - AI PIC
गुलाबी नगरी के सबसे व्यस्त 'सिंधी कैंप मेट्रो स्टेशन' पर शुक्रवार को एक ऐसा हादसा होते-होते टला, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। यह कहानी है चंद सेकंडों की, जहाँ एक तरफ खौफनाक दुर्घटना थी और दूसरी तरफ राजस्थान पुलिस की मुस्तैदी। एस्केलेटर पर चढ़ रही एक महिला के पैर लड़खड़ाए और वह अपने कलेजे के टुकड़े (बच्चे) के साथ पीछे की ओर गिरने ही वाली थी, कि तभी खाकी वर्दी में तैनात एक 'देवदूत' ने अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें सुरक्षित बचा लिया।
घटना दोपहर की है, जब एक महिला अपनी गोद में बच्चे को लिए सिंधी कैंप मेट्रो स्टेशन पर ऊपर की ओर जाने वाले एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) पर चढ़ रही थी। अचानक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह पीछे की ओर पलटने लगी। एस्केलेटर अपनी गति से चल रहा था, ऐसे में अगर महिला गिरती तो लोहे की धारदार सीढ़ियों से उसे और बच्चे को गंभीर चोट लग सकती थी।
मेट्रो स्टेशन पर ड्यूटी दे रहे एएसआई (ASI) दुर्गा प्रसाद की नजर जैसे ही लड़खड़ाती महिला पर पड़ी, उन्होंने एक पल भी नहीं गंवाया। बिना किसी देरी के दुर्गा प्रसाद ने चीते जैसी फुर्ती दिखाई और दौड़ते हुए महिला और बच्चे को गिरने से ठीक पहले अपनी बाहों में थाम लिया। महज 2-3 सेकंड की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती थी, लेकिन पुलिसकर्मी की फुर्ती ने काल को टाल दिया।
स्टेशन पर लगे सीसीटीवी और वहां मौजूद यात्रियों ने जब इस नजारे को देखा, तो हर कोई दंग रह गया। जैसे ही यह खबर और घटना का विवरण सामने आया, जयपुर मेट्रो और राजस्थान पुलिस के इस जांबाज की सराहना शुरू हो गई। लोग कह रहे हैं— "खाकी केवल डंडा चलाना नहीं, बल्कि जान बचाना भी जानती है।"
यह घटना हमें एक बड़ा सबक भी देती है। मेट्रो प्रशासन अक्सर यात्रियों से अपील करता है कि:
Updated on:
24 Apr 2026 05:48 pm
Published on:
24 Apr 2026 03:23 pm
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