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जयपुर। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने डिस्कॉम्स चेयरपर्सन आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को जांच सौंपने के एकलपीठ के आदेश को 24 घंटे में ही पलट दिया। कोर्ट ने इस मामले में गुरुवार के आदेश की पालना व एकलपीठ की अग्रिम कार्यवाही पर रोक लगा दी, वहीं इस मामले से राज्य सरकार, कार्मिक विभाग व विद्युत प्रसारण निगम सहित अन्य जवाब तलब किया है। इस मामले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड भी तलब किया गया है। अब इस पर सोमवार को फिर सुनवाई होगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश शुभा मेहता की खंडपीठ ने जयपुर विद्युत वितरण निगम व डिस्कॉम्स चेयरपर्सन आरती डोगरा की अपीलों पर शुक्रवार को यह अंतरिम आदेश दिया। इन अपीलों को विशेष अनुमति के आधार पर शुक्रवार को ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।
अपीलार्थी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर व अधिवक्ता संदीप शेखावत ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में भ्रष्टाचार और जांच में देरी का कोई आरोप नहीं है। इसके बावजूद एकलपीठ ने अधीक्षण अभियंता पद पर डीपीसी पर रोक लगा दी, वहीं डिस्कॉम्स चेयरपर्सन के खिलाफ जांच एसीबी को सौंप दी है। कोर्ट को यह भी बताया कि इस मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ तीन जांच लंबित हैं, जिन पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने गुरुवार को आर के मीणा की याचिका पर डिस्कॉम की चेयरपर्सन आरती डोगरा के खिलाफ एसीबी जांच का आदेश दिया था। इसके अलावा मामले में भ्रष्टाचार का भी संदेय जाहिर किया गया। एकलपीठ ने सीएमडी को अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में विफल मानते हुए एसीबी को जांच सौंपी थी।
याचिकाकर्ता ने वर्ष 2022-23 की डीपीसी के खिलाफ दिसंबर 2023 में याचिका दायर की थी, जिसमें बिना रोस्टर संधारण किए जाने डीपीसी को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिका दायर करने के बाद उसे अलग-अलग कारणों से तीन चार्जशीट दे दी गई।
Updated on:
24 Apr 2026, 4:58 PM IST
Published on:
24 Apr 2026, 4:58 PM IST
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