जयपुर

राजस्थान की भर्तियों में आरक्षण को लेकर सरकार का नया एक्शन प्लान, जानें क्या उठाने जा रही बड़ा कदम!

तीस हजार भर्तियों पर लटक सकती है तलवार! 9 दिसम्बर 2016 से पहले 5 फीसदी एसबीसी आरक्षण को मानते हुए निकाली हुई भर्तियों का मामला

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Feb 07, 2018

जयपुर।

प्रदेश में सरकारी नौकरियों की राह आसान नहीं हो रही है। कभी कोई समस्या तो कभी कोई। सरकार ने अति पिछड़ा वर्ग मानते हुए गुर्जर समेत पांच जातियों को एक फीसदी आरक्षण तो दे दिया, लेकिन पुरानी भर्तियों के परिणाम जारी करने में सरकार फिर आरक्षण में उलझती दिख रही है।

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9 दिसम्बर 2016 के पहले 5 फीसदी एसबीसी आरक्षण मानकर निकाली गई भर्तियों के मामले में सरकार अब फिर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। कोर्ट ने 9 दिसम्बर 2016 को 5 फीसदी एसबीसी आरक्षण रद्द कर दिया था और इससे पहले की करीब 30 हजार भर्तियों में यह आरक्षण लागू था।

अब सरकार गुर्जर समाज को एमबीसी के तहत एक फीसदी आरक्षण का लाभ देते हुए परिणाम जारी करना चाहती है। इसको लेकर कार्मिक विभाग ने महाधिवक्ता से राय ली, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने का सुझाव दिया है। इसी कारण अब सरकार सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश करने जा रही है, जबकि अन्य अभ्यर्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के 9 मई 2017 के आदेश के तहत एसबीसी आरक्षण लागू किए बिना नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एमबीसी के लिए अलग से एक फीसदी मेरिट सूची जारी होगी
कार्मिक विभाग का कहना है कि भर्तियों के अंतिम परिणाम जारी होने के बाद एमबीसी के एक फीसदी पदों पर नियुक्ति के लिए अलग से मेरिट लिस्ट जारी की जा सकेगी। इसके साथ ही सूची में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि नियुक्ति की कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के आदेश बिना शुरू नहीं की जाएगी।

आरएएस से लेकर ग्राम सेवक तक
दिसम्बर 2016 से पहले प्रदेश में आरएएस, शिक्षक, पटवारी, ग्राम सेवक समेत कई अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया अभी तक अधरझूल में है।

सरकार ने धोखा दिया: गुर्जर समाज
गुर्जर समाज के नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामले को ले जाकर हमारे साथ धोखा किया है। इस मामले को जानबूझकर उलझा दिया है। पुरानी भर्तियों के परिणाम जारी करने में देरी के लिए सरकार जिम्मेदार है। वर्तमान में जो भर्तियों का प्रक्रिया में है, उनमें एमबीसी का 1 फीसदी आरक्षण दिया जा सकता है। जबकि ऐसा ही मामला भरतपुर व धौलपुर के जाटों का था। उनका आरक्षण भी कोर्ट ने रद्द किया था।

लंबित भर्ती पूरी करने और नई भर्ती निकालने की मांग
इधर, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले प्रदेशभर से आए बेरोजगार मंगलवार को नेहरू गार्डन में बैठक के लिए एकत्र हुए। अपनी बात रखने से पहले ही बेरोजगारों को पुलिसकर्मियों ने वहां से हटा दिया। इसके बाद बेरोजगार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। वहां प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट से मुलाकात कर कांग्रेस को वादा याद दिलाया।

संघ के उपेन यादव ने बताया कि उपचुनाव में बेरोजगारों ने कांग्रेस को समर्थन इस शर्त पर दिया था कि बेरोजगारों की मांगों के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन तक मांग उठाएगी। इस पर पायलट ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस इस सत्र में बेरोजगारों की मांगों को विधानसभा में उठाएगी।

इन लम्बित भर्तियों को पूरी करने की रखी मांग
-नर्सिंग भर्ती 2013 पूर्ण पदों पर करवाई जाए। फिलहाल 15773 पदों पर भर्ती लम्बित है।
-आरपीएससी की ओर से एलडीसी 2013 के 7500 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।
-पंचायतीराज एलडीसी 2013, 9200 पदों पर नियुक्ति
-विद्यालय सहायक 33000 पदों पर नियुक्ति दी जाए
-शिक्षक भर्ती ग्रेड द्वितीय परिणाम 9568 पदों का परिणाम जारी किया जाए।
-जेल प्रहरी भर्ती 2015 का परिणाम जारी किया जाए
-सब इंस्पेक्टर भर्ती 2016 फॉर्म भरवा गए, मगर परीक्षा नहीं हुई।

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Published on:
07 Feb 2018 08:28 am
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