20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लाल या काला? किस मटके में ज्यादा देर तक ठंडा रहता है पानी, कुम्हार ने खोला राज

Red vs Black Clay Pot: मटकों के बीच का मुख्य अंतर उनकी बनावट और पकाए जाने की प्रक्रिया में छिपा है।

2 min read
Google source verification
जयपुर में काले और लाल मटकों को बिक्री के लिए ले जाता युवक, फोटो - पत्रिका

जयपुर में काले और लाल मटकों को बिक्री के लिए ले जाता युवक, फोटो - पत्रिका

Jaipur News: भीषण गर्मी का दौर शुरू होते ही मरुधरा में ठंडे पानी की तलाश तेज हो गई है। फ्रिज के पानी से होने वाली गले की खराश और बीमारियों से बचने के लिए आज भी लोग मिट्टी के मटके (Earthen Pots) को ही प्राथमिकता देते हैं। लेकिन बाजार में जाते ही ग्राहकों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा होता है— लाल मटका खरीदें या काला? ​जयपुर के चांदपोल बाजार के अनुभवी कुम्हार राजबहादुर प्रजापत ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है कि आखिर पानी को लंबे समय तक शीतल रखने के लिए कौन सा मटका सर्वश्रेष्ठ है।

कैसे बनता है लाल और काला मटका?

मटकों के बीच का मुख्य अंतर उनकी बनावट और पकाए जाने की प्रक्रिया में छिपा है। राजबहादुर प्रजापत बताते हैं कि:
लाल मटका: यह सामान्य मिट्टी से तैयार किया जाता है और इसे खुली आग में पकाया जाता है। ऑक्सीजन के संपर्क में रहने के कारण इसका रंग प्राकृतिक लाल बना रहता है।
काला मटका: इसे बनाने के लिए एक विशेष तकनीक का उपयोग होता है। मटके को पकाते समय उसे राख और धुएं के बीच पूरी तरह ढक दिया जाता है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन की कमी और कार्बन के जमाव के कारण मटका काला हो जाता है।​

शीतलता में कौन है 'बाहुबली'?

सोशल मीडिया पर वायरल जानकारियों और स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, लाल और काले मटके की कार्यक्षमता अलग-अलग होती है। ​लाल मटका पानी को जल्दी ठंडा करने के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद सूक्ष्म छिद्र (Pores) वाष्पीकरण की प्रक्रिया को तेज करते हैं। काले मटके की विशेषता यह है कि यह ठंडे हुए पानी के तापमान को लंबे समय तक बरकरार रखता है। यानी, अगर आप चाहते हैं कि पानी घंटों तक चिल्ड रहे, तो काला मटका बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

स्वास्थ्य के लिए कौन सा मटका है बेहतर?

आयुर्वेद और मिट्टी के गुणों के आधार पर दोनों के अपने स्वास्थ्य लाभ हैं:
​आयरन की कमी: लाल मटका उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनमें आयरन की कमी होती है, क्योंकि यह प्राकृतिक खनिजों से भरपूर होता है।
गैस और एसिडिटी: काले मटके को धुएं और राख में पकाने के कारण इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण आ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, काले मटके के पानी का pH लेवल 8 से 8.5 के बीच होता है। यह क्षारीय (Alkaline) पानी शरीर की एसिडिटी और गैस की समस्या को दूर करने में सहायक है।

आपकी पसंद क्या हो?

यदि आप चाहते हैं कि मटका पानी को तुरंत ठंडा कर दे, तो लाल मटका आपकी पसंद होना चाहिए। लेकिन यदि आप ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहाँ बार-बार पानी भरने की सुविधा नहीं है और आप चाहते हैं कि पानी देर तक ठंडा रहे, साथ ही आपको पेट संबंधी शिकायतें रहती हैं, तो काला मटका आपके लिए अच्छा है। कुम्हारों का कहना है कि बदलते दौर में अब लोग फिर से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं, जिसके चलते इस बार काले मटकों की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग