
Mining Department: जयपुर। राजस्थान के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने राजस्व संग्रह को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने खनिज भवन में निदेशक माइंस दीपक तंवर और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में रुटिन राजस्व वसूली के साथ-साथ पुराने बकाए, जुर्माना राशि और अन्य संभावित स्रोतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विभाग का लक्ष्य खनन क्षेत्र को निवेश, रोजगार और राजस्व का मजबूत आधार बनाना है।
रविकान्त ने बताया कि 6 अगस्त 2025 तक विभाग ने 2968 करोड़ 11 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। उन्होंने एमनेस्टी योजनाओं, पुराने बकाए और अवैध खनन पर लगाए गए जुर्माने की वसूली पर जोर दिया। कोर्ट स्टे प्रकरणों में प्रभावी पैरवी कर स्टे हटाने और बकाया राशि वसूलने की रणनीति बनाई गई है। इसके लिए मासिक कार्ययोजना और पाक्षिक समीक्षा का निर्देश दिया गया।
खनन क्षेत्र को देश में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन में वैविध्य लाने और एक्सप्लोरेशन से लेकर परिचालन तक का रोडमैप तैयार किए जा रहे हैं। विभाग रिकॉर्ड राजस्व अर्जन के लिए लगतार प्रयास कर रहा है। बकाया वसूली के सभी संभावित प्रयास किए जा रहे हैं।