जयपुर

RGHS: राजस्थान में आरजीएचएस में 7200 करोड़ का भुगतान, मरीजों को मिल रही लगातार चिकित्सा सुविधाएं

RGHS Latest News: सरकार का बड़ा कदम: अस्पतालों-फार्मेसी को समय पर भुगतान, आरजीएचएस बना मजबूत। हर साल बढ़ रहा बजट, आरजीएचएस से लाखों मरीजों को मिल रहा फायदा।

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May 06, 2026
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Rajasthan Health News: जयपुर. राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत राज्य सरकार ने बीते दो वर्षों में करीब 7200 करोड़ रुपए का भुगतान कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत आधार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर इस योजना में पारदर्शिता, नियमितता और दक्षता बढ़ाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं, जिससे लाखों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिल रहा है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के अनुसार, सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना से जुड़े अस्पतालों और फार्मेसी स्टोर्स को समय पर भुगतान मिले और किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अस्पतालों को 4000 करोड़ रुपए से अधिक और फार्मेसियों को 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है।

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यदि हाल के महीनों की बात करें तो अप्रेल 2026 में करीब 300 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, जबकि मई माह में अब तक लगभग 150 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही बकाया भुगतान को भी चरणबद्ध तरीके से जल्द पूरा करने के प्रयास जारी हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य संस्थानों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि मरीजों को मिलने वाली सेवाओं में भी निरंतरता बनी हुई है।

आरजीएचएस योजना में बढ़ता व्यय इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार कर्मचारी कल्याण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर है। वर्ष 2021-22 में जहां कुल भुगतान केवल 364 करोड़ रुपए था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 3470 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 2900 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान हो चुका है, जो योजना के विस्तार और उपयोगिता को दर्शाता है।

सेवाओं की बात करें तो अधिकांश निजी और सरकारी अस्पताल इस योजना के तहत मरीजों को इलाज दे रहे हैं। अप्रैल महीने में करीब 4 लाख टीआईडी (ट्रीटमेंट आईडी) जनरेट होना इस बात का प्रमाण है कि योजना जमीनी स्तर पर सक्रिय है। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल के अनुसार, 4 मई को ही अस्पतालों द्वारा करीब 14 हजार और फार्मेसी स्टोर्स द्वारा लगभग 15 हजार टीआईडी जनरेट की गईं।

कुल मिलाकर, आरजीएचएस योजना राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समय पर भुगतान और बढ़ती भागीदारी से यह योजना आने वाले समय में और अधिक मजबूत होती नजर आ रही है।

भुगतान का बड़ा आंकड़ा

आरजीएचएस योजना के तहत पिछले दो वर्षों में करीब 7200 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इसमें अस्पतालों को 4000 करोड़ रुपये से अधिक और फार्मेसी स्टोर्स को 3200 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी गई है। अप्रैल 2026 में लगभग 300 करोड़ और मई में अब तक 150 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। सरकार का फोकस बकाया भुगतान को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने पर है, जिससे अस्पतालों और दवा विक्रेताओं का भरोसा बना रहे और सेवाएं प्रभावित न हों।

लगातार बढ़ रहा व्यय

आरजीएचएस योजना में हर साल व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। वर्ष 2021-22 में जहां कुल खर्च 364 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 3470 करोड़ रुपये हो गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 2900 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। यह बढ़ता बजट दर्शाता है कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और योजना का दायरा लगातार विस्तार हो रहा है।

सेवाएं जारी, मरीजों को राहत

आरजीएचएस के तहत अधिकांश अस्पतालों में इलाज की सेवाएं सुचारू रूप से जारी हैं। अप्रैल 2026 में करीब 4 लाख टीआईडी जनरेट की गईं, जो योजना के व्यापक उपयोग को दर्शाती हैं। 4 मई को ही अस्पतालों द्वारा लगभग 14 हजार और फार्मेसी स्टोर्स द्वारा 15 हजार टीआईडी जनरेट की गईं। इससे साफ है कि मरीजों को लगातार चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं और योजना जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर रही है।

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Published on:
06 May 2026 01:03 pm
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