जयपुर

RGHS: वेतन से कटौती फिर भी उपचार से वंचित शिक्षक, अंशदान कटने के बावजूद इलाज नहीं, कर्मचारियों में बढ़ा रोष

medical scheme: आरजीएचएस योजना में खामियां उजागर, निजी अस्पतालों के इनकार से संकट। सरकार से त्वरित समाधान की मांग
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Updated: 27 Apr 2026, 12:10 PM IST
Rajasthan RGHS Update Sri Ganganagar district is also on audit team radar You surprised to know corruption methods
फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Health Scheme: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत कर्मचारियों और शिक्षकों के वेतन से नियमित अंशदान कटने के बावजूद उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। इस समस्या के चलते शिक्षकों और कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। प्राथमिक शिक्षक संघ (लेवल प्रथम) ने इसे व्यवस्था की गंभीर खामी बताते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन से हर माह अनिवार्य रूप से अंशदान काटा जा रहा है, लेकिन जब उन्हें या उनके परिवार को इलाज की जरूरत पड़ती है, तो कई निजी अस्पताल RGHS योजना के तहत उपचार देने से इनकार कर देते हैं। इससे कर्मचारियों को मजबूर होकर निजी खर्च पर इलाज कराना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और मानसिक तनाव भी झेलना पड़ रहा है।

संघ के स्टेट चेयरमैन खेमराज मीणा ने बताया कि यदि सरकार कर्मचारियों से नियमित रूप से अंशदान ले रही है, तो उन्हें योजना का पूरा लाभ भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों द्वारा भुगतान में देरी और समन्वय की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कई अस्पतालों का कहना है कि सरकार की ओर से भुगतान समय पर नहीं हो रहा, जिसके चलते वे योजना के तहत मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं।

इस पूरे मामले को लेकर शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अस्पतालों के बकाया भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और योजना के संचालन में पारदर्शिता लाई जाए, ताकि कर्मचारियों को बिना किसी बाधा के चिकित्सा सुविधा मिल सके।

वहीं, कर्मचारियों का कहना है कि RGHS जैसी योजना का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यह योजना कर्मचारियों के लिए बोझ बन सकती है।

Updated on:
27 Apr 2026, 12:10 PM IST
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