5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

School Timing Change: भीषण गर्मी का असर, 27 अप्रेल से बदला राजस्थान के 10 जिलों में स्कूलों का समय, आदेश जारी

Weather Update Rajasthan: हीटवेव अलर्ट के बीच प्रशासन सख्त: छोटे बच्चों के लिए नई स्कूल टाइमिंग लागू। लू से बचाव के लिए बड़ा फैसला: जयपुर समेत 10 जिलों में बदले स्कूलों के समय।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Rajesh Dixit

•

Updated: 26 Apr 2026, 8:04 PM IST

School Timing Change

प्रतीकात्मक तस्वीर

Rajasthan Heatwave: जयपुर. राजस्थान में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के हित में बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के कई जिलों—जयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक, कोटपूतली—बहरोड, सीकर, सवाईमाधोपुर, अलवर और सिरोही में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। यह नई व्यवस्था मुख्य रूप से प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों पर लागू होगी, जिससे छोटे बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके।

जयपुर जिला प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए बताया कि 27 अप्रेल से जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। जिला कलक्टर संदेश नायक ने शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसी तरह अलवर में भी जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बढ़ते तापमान और मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए स्कूल समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। उनके अनुसार, 27 अप्रेल 2026 से ग्रीष्मावकाश तक सभी स्कूलों में कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही पढ़ाई होगी।

सिरोही जिले में यह आदेश 25 अप्रेल से ही लागू कर दिया गया है। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि नर्सरी से कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए नई टाइमिंग लागू रहेगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ का समय पहले की तरह ही रहेगा।

प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और वृद्धि की संभावना है। ऐसे में छोटे बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, हीटवेव के दौरान बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है, इसलिए स्कूल समय में यह बदलाव बेहद जरूरी है।

यह निर्णय अभिभावकों और छात्रों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है, वहीं प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।