Rising Rajasthan: यदि आप नया उद्योग स्थापित करने की योजना बना रहे हैं या अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं, तो यह सुनहरा अवसर हाथ से जाने न दें। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है—चूक मत जाना मौका।
Industrial Plots: जयपुर. राजस्थान में उद्योग लगाने की तैयारी कर रहे निवेशकों के लिए यह सुनहरा अवसर है। रीको (RIICO) की प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत 5500 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखंडों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 मई 2026 है और 19 मई को ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। राज्य के 103 औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध इन भूखंडों को कम लागत और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ आवंटित किया जा रहा है। ऐसे में जो निवेशक अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके पास सीमित समय शेष है। यह मौका हाथ से निकलने न दें।
राजस्थान में औद्योगिक निवेश का बड़ा अवसर सामने है। रीको (RIICO) की प्रत्यक्ष आवंटन योजना (Direct Allotment Scheme) के 10वें चरण के तहत 5500 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखंडों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 मई 2026 है, जबकि 19 मई 2026 को ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। ऐसे में इच्छुक निवेशकों के पास अब केवल तीन दिन शेष हैं।
इस योजना का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करना है। रीको की यह पहल छोटे, मध्यम और बड़े निवेशकों—सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध कराती है। इस बार प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी इसका लाभ उठा सकें। आवेदन के साथ ईएमडी (Earnest Money Deposit) जमा करना अनिवार्य है। यदि किसी भूखंड के लिए केवल एक आवेदन प्राप्त होता है तो उसे सीधे आवंटित किया जाएगा, जबकि एक से अधिक आवेदन होने पर ई-लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा।
योजना के तहत राज्य के 103 औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड उपलब्ध हैं। इनमें जयपुर, अलवर, कोटा, बीकानेर, अजमेर और भीलवाड़ा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। कम कीमत पर औद्योगिक भूखंड मिलने से यह योजना नए उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक साबित हो रही है।
इस चरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है। पहले आवेदन से 15 दिन पूर्व राज्य सरकार के साथ एमओयू करना अनिवार्य था, लेकिन अब यह शर्त आसान कर दी गई है। निवेशक अंतिम तिथि तक एमओयू कर सकते हैं। इस निर्णय से विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों को राहत मिलेगी और अधिक लोग योजना से जुड़ सकेंगे।
गौरतलब है कि योजना के पहले नौ चरणों में 1662 भूखंडों के लिए ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं। इनका कुल क्षेत्रफल लगभग 437 हेक्टेयर रहा है और अनुमानित निवेश 2500 करोड़ रुपए से अधिक का है। इन परियोजनाओं के माध्यम से करीब 18,000 करोड़ रुपये तक के निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना जताई जा रही है।
‘राइजिंग राजस्थान’ इनवेस्टमेंट विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य राज्य को उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय निवेश के लिए अनुकूल है और इच्छुक उद्यमियों को आवेदन करने में देरी नहीं करनी चाहिए।