राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर 'पेपर लीक' और 'भ्रष्टाचार' का मुद्दा गरमा गया है। 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे से ठीक पहले, नागौर सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने तीखे सवालों की बौछार कर दी है। बेनीवाल ने सीधे तौर पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को उनके चुनावी वादों की याद दिलाते हुए 'दोगलेपन' का आरोप लगाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। वे 28 फरवरी को अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली से प्रदेश को 23,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे और 'रोजगार उत्सव' के तहत 21,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटेंगे। लेकिन, इस 'उत्सव' से पहले सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार की घेराबंदी कर दी है। बेनीवाल ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि जहाँ आप सभा करेंगे, उससे चंद कदमों की दूरी पर RPSC का मुख्यालय है, जो युवाओं के सपनों की 'बली' चढ़ाने का केंद्र बन चुका है।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने पीएम मोदी को 2023 के विधानसभा चुनाव का वो वादा याद दिलाया, जिसमें उन्होंने माफियाओं को पाताल से निकालकर सजा दिलाने की बात कही थी।
सबसे बड़ा हमला सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2021 को लेकर है। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में राजस्थान हाई कोर्ट ने इस भर्ती को रद्द करने का आदेश दिया था, लेकिन मामला अब भी कानूनी और राजनीतिक दांव-पेंच में फंसा है।
बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' के नारे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने राजस्थान के हालिया विधायक कोष रिश्वत प्रकरण का जिक्र किया, जिसमें तीन विधायकों के नाम सामने आए थे।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की साख पिछले कुछ वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुँची है। बेनीवाल ने पूछा कि गृह मंत्री अमित शाह और पीएम मोदी ने आयोग के पुनर्गठन और पारदर्शिता के जो बड़े-बड़े आश्वासन दिए थे, उनका ठोस रोडमैप आज तक सामने क्यों नहीं आया?