पुलिस मुख्यालय ने कराया विश्लेषण खराब सड़क, बिना हेलमेट भी बड़ा कारण
जयपुर . प्रदेश में 80 फीसदी सड़क हादसों में वाहनों की तेज रफ्तार जान की दुश्मन बन रही है। सड़क पर गड्ढे और खराब इंजीनियरिंग से भी लोगों की जिदंगी खत्म हो रही है। राजस्थान पुलिस मुख्यालय की ओर से 2017 में हुए सड़क हादसों के कारणों के कराए गए विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है। इसके अनुसार 2017 में हादसों में 10444 जानें गईं, जिसमें 8440 का कारण वाहन की बेकाबू रफ्तार है। रिपोर्ट के आधार पर जिला पुलिस, पीडब्ल्यूडी, जेडीए और नगर निगम की मदद से सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय की यातायात शाखा ने काम शुरू कर दिया है।
खराब सड़क, बिना हेलमेट भी बड़ा कारण
सड़क पर गडढ़े, खतरनाक मोड़ और कटाव के चलते 49 लोगों ने जान गंवाईं। बिना हेलमेट के वाहन चलाते समय दुर्घटनाओं में सिर की गंभीर चोट के कारण 214 लोग मौत का शिकार हुए। घटिया हेलमेट के चलते 31 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। रोंग साइड वाहन ले जाने पर हुई सड़क दुर्घटनाओं में ५६१ लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा।
22071 लोग घायल, इनमें 5598 गंभीर
सड़क दुर्घटना में लोगों की जान ही नहीं जा रही है। वर्ष 2017 में जहां 10444 लोगों ने अपनी जिंदगी गंवाई। इनमें कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और वे मौत के शिकार हो गए। वहीं पुलिस मुख्याल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेशभर में 9305 सड़क दुर्घटनाएं हुई। इन दुर्घटनाओं में इनमें 22071 लोग घायल हुए थे। इनमें भी 5598 लोग गंभीर घायल हुए, जिनके शरीर के अंग भी क्षतिग्रस्त हो गए या फिर दुर्घटना के जख्म उनके शरीर पर हमेशा के लिए रह गए। जबकि 16473 लोग घायल हुए।
कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए
एस परिमाला, डीआईजी, पीएचक्यू राजस्थान हादसों के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण करवाया है। इसके नतीजे मिल गए हैं। दुर्घटनाआें पर अंकुश के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ जिला पुलिस को लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
2017 में 10,444 मौत में 80% का कारण बेकाबू रफ्तार
- प्रशासन की लापरवाही भी कम नहीं
- खराब इंजीनियरिंग के चलते जा रही जान