पुलिस ने 49 लाख की अवैध वसूली मामले में गिरफ्तार आरपीएस अधिकारी रितेश पटेल के सहयोगी इरफान खान को ब्यावर से दबोच लिया है।
जयपुर। महेश नगर थाना पुलिस ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की फर्जी एफआइआर बनाकर परिचित से 49 लाख की अवैध वसूली मामले में गिरफ्तार आरपीएस अधिकारी रितेश पटेल के सहयोगी इरफान खान को ब्यावर से दबोच लिया है। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर 7 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरपीएस अधिकारी रितेश पटेल खुद को भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) का अधिकारी दिखाने के लिए नकली पहचान पत्र रखता था। इतना ही नहीं, उसने कई लोगों को जाली पहचान पत्र भी बांटे। पटेल ने एटीएस और एसओजी टीमों के साथ मेघालय जाने के फर्जी आदेश तैयार किए थे, ताकि अपनी पहुंच और रसूख दिखा सके।
गृह राज्य मंत्री के जाली हस्ताक्षर कर 29 डीएसपी के स्थानांतरण की फर्जी अनुशंसा सूची तैयार करने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन सभी दस्तावेज की जांच कर रही है। रितेश के कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से भी सबूत जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी इरफान खान (35) ब्यावर का रहने वाला है। वह ब्यावर में कोहिनूर स्क्रीन प्रिंटिंग की दुकान चलाता है। आरोपी पहले ब्यावर में डिप्टी रह चुका है, तभी से उसकी रितेश पटेल से पहचान है। इरफान ने फर्जी एफआइआर में शब्दों की मैचिंग का काम किया। रितेश पटेल ने एसओजी में पहले से दर्ज एफआइआर की कॉपी की नकल कर फर्जी एफआइआर तैयार की थी। इसके बाद इरफान की मदद से उसको एडिट कर शब्दों की समानता करवाई गई। एफआइआर को असली दिखाने के लिए एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के हस्ताक्षर भी कॉपी कर लगाए गए।
आरपीएस अधिकारी रितेश पटेल लंबे समय से विवादों में रहा है। उसके खिलाफ पहले से छह एफआइआर दर्ज हैं।
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महेश नगर थाना पुलिस ने 30 दिसंबर को एपीओ आरपीएस अधिकारी रितेश पटेल को अनिंदो बनर्जी से 49 लाख रुपए की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था। दो साल पहले निलंबित पटेल ने अपनी बहाली के नाम पर रुपए लिए थे। एक साल बाद जब अनिंदो ने पैसे वापस मांगे तो पटेल ने उसके खिलाफ एसओजी में फर्जी एफआइआर दर्ज होने का दावा करते हुए व्हाट्सऐप पर कॉपी भेजी और जेल भेजने की धमकी दी।