जयपुर

RPSC Paper Leak: 7 लाख में खरीदा अर्थशास्त्र का पेपर, डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर बना शिक्षक; अब SOG ने दबोचा

RPSC प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 के अर्थशास्त्र पेपर लीक मामले में SOG ने बालोतरा निवासी द्वितीय श्रेणी शिक्षक श्रवण कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि 7 लाख रुपए में पेपर दिलाने की डील हुई थी। आरोपी को 4 दिन के रिमांड पर लिया गया।
2 min read
• •
Updated: 15 Sep 2026, 9:33 PM IST
rpsc paper leak
RPSC Paper Leak (Photo-AI)

RPSC Paper Leak: जयपुर: राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 के अर्थशास्त्र विषय का पेपर परीक्षा से पहले लीक कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मंगलवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी श्रवण कुमार विश्नोई (30) धोरीमन्ना, बालोतरा जिले का रहने वाला है। आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी श्रवण कुमार विश्नोई वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारों का तला, ब्लॉक धोरीमन्ना, बालोतरा में द्वितीय श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत था। एसओजी ने इस मामले में पूर्व में धोरीमन्ना निवासी गोपाल को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में क्या बताया आरोपी

पूछताछ में गोपाल ने बताया कि श्रवण और वह एक ही गांव के रहने वाले हैं और दोस्त हैं। गोपाल के अनुसार, परीक्षा से पहले श्रवण ने उसे अपने घर बुलाया था। वहां श्रवण ने पेपर लीक माफिया से संपर्क होने की बात बताई और दोनों दिनों की परीक्षा से पहले अर्थशास्त्र का पेपर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की।

इसके लिए सात लाख रुपए में पेपर दिलाने की डील हुई। परीक्षा से पहले पेपर मिलने के बाद गोपाल ने उसे पढ़ा और बाद में प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में उसका चयन हो गया। गोपाल से मिली जानकारी के आधार पर एसओजी ने श्रवण को गिरफ्तार किया।

आरपीएससी सदस्य कटारा से लीक हुआ था पेपर

एसओजी की जांच के मुताबिक, अक्टूबर 2022 में आयोजित प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के अर्थशास्त्र सहित अन्य विषयों के पेपर तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पहले शेर सिंह उर्फ अनिल मीणा को उपलब्ध कराए थे।

डमी अभ्यर्थी बैठाकर खुद भी कराया था चयन

जांच में सामने आया कि श्रवण स्वयं द्वितीय श्रेणी शिक्षक है और उसने अपनी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठाकर अपना चयन करवाया था। इस मामले में वह पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है। पेपर लीक प्रकरण में नाम सामने आने के बाद अब एसओजी उससे नेटवर्क और पेपर की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी प्रकरण में श्रवण और गोपाल दोनों अपने-अपने सरकारी पदों से निलंबित हैं।

Updated on:
15 Sep 2026, 9:33 PM IST
Published on: