
गुढ़ाचंद्रजी. स्थानीय पंचायत के रिंगसपुरा गांव के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बैरवा मोहल्ले में पिछले एक वर्ष से पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने तीन दिन के भीतर पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कालूराम मीणा रिंगसपुरा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि एक वर्ष पहले सड़क निर्माण के दौरान संवेदक की ओर से बैरवा मोहल्ले की पेयजल पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। इसके बाद न तो सड़क निर्माण एजेंसी ने पाइपलाइन की मरम्मत कराई और न ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने समस्या का समाधान किया।
ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपए की लागत से करीब एक किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन सड़क निर्माण के समय उसे क्षतिग्रस्त होने के बाद ठीक नहीं कराया गया। तब से बैरवा मोहल्ले के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं को रात और तड़के टॉर्च की रोशनी में कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। कई परिवार टैंकरों से पानी मंगवाकर जरूरत पूरी कर रहे हैं, जबकि मवेशियों के लिए भी पेयजल की समस्या बनी हुई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान श्रीमन मीणा, बुधराम बैरवा, कमल बैरवा, राधेश्याम बैरवा, रामलाल बैरवा, घनश्याम बैरवा, साबूती देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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गुढ़ाचंद्रजी। पेयजल संकट के विरोध में प्रदर्शन करती महिलाएं।