
अरविंद पालावत/जयपुर। एक ओर जहां आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा-कांग्रेस सहित सभी पार्टियां सोशल इंजिनियरिंग पर पूरा जोर दे रही है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी के ट्विटर पर महज 800 ही फॉलोअर्स है। जबकि कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के साढ़े चार लाख के करीब फॉलोअर्स है।
सैनी 38 लोगों को ट्विटर पर फॉलो कर रहे है, जबकि पायलट 100 लोगों के ट्वीट फॉलो करते है। एेसे में जहां भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया के सहारे चुनाव में बड़ा काम करना चाहती है, तो उनकी सोशल मीडिया विंग के सामने यह मुसीबत खड़ी हो जाती है कि उनके प्रदेशाध्यक्ष के फॉलोवर्स ना के बराबर है।
दोनों ही पार्टियों का सोशल मीडिया पर दाव
भाजपा-कांग्रेस ने इस बार के चुनावों के लिए खास रणनीति बनाई है। इसके तहत पार्टियों की सोशल मीडिया विंग ने काम करना भी शुरू कर दिया है। एेसे में जब दोनों बड़ी पार्टी सोशल मीडिया पर अपनी नजरें टिका रही है तो प्रदेशाध्यक्ष के फोलाअर्स कम होना बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है। गौरतलब है कि पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी के करीब डेढ़ लाख फॉलोअर्स थे।
ट्विटर पर सीएम राजे सबसे आगे
प्रदेश की राजनीति की बात की जाए तो ट्वीटर पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीब साढ़े 34 लाख फॉलोअर्स है। वहीं, सीएम खुद 127 लोगों को फॉलो करती है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फॉलोअर्स तो करीब 4 लाख है। लेकिन वे सीएम राजे के बराबर ट्वीटर पर एक्टिव नजर आ रहे है। राजे ने जहां 11 हजार 635 ट्वीट किए है, तो गहलोत ने अब तक 11 हजार 173 ट्वीट कर लोगों तक अपनी बात पहुंचाई है।