Sanskrit University Exam Scam: जयपुर। जगदगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में तय सीटोें से अधिक छात्रों को परीक्षा में बैठाने को लेकर हुए फर्जीवाड़े में नया मोड़ आ गया है। विश्वविद्यालय में यह फर्जीवाड़ा सिर्फ एक सत्र नहीं, बल्कि 5 साल तक चला।
Sanskrit University Exam Scam: जयपुर। जगदगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में तय सीटोें से अधिक छात्रों को परीक्षा में बैठाने को लेकर हुए फर्जीवाड़े में नया मोड़ आ गया है। विश्वविद्यालय में यह फर्जीवाड़ा सिर्फ एक सत्र नहीं, बल्कि 5 साल तक चला। पांच साल से विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (पीजीडीसीए) और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन योग थैरेपी (पीजीडीवाईटी) कोर्स में तय सीटों से अधिक छात्रों को परीक्षा में बैठाया गया।
संस्कृत शिक्षा विभाग ने हाल ही विधानसभा में इस संबंध में जवाब पेश किया है। इसमें सरकार ने माना कि साल 2019 से 2023 तक लगातार तय सीटों से एक हजार 46 अधिक अपात्र परीक्षार्थी विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में बैठे। इस जवाब के बाद विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में किए गए फर्जीवाड़े का मामला कई बार विधानसभा में उठ चुका। 16वीं विधानसभा में कई विधायक इस पर सवाल उठा चुके हैं। इनमें जेठानंद व्यास, कालीचरण सराफ, प्रताप सिंह सिंघवी, यूनुस खान, लादूलाल पितलिया और अमीन कागजी शामिल हैं, जिन्होंने संस्कृत यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में हुए फर्जीवाड़े का मामला विधानसभा में उठाया है।
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (पीजीडीसीए)
| साल | कॉलेज संख्या | तय सीट | परीक्षा में बैठे छात्र |
|---|---|---|---|
| 2023 | 9 | 400 | 682 |
| 2022 | 6 | 320 | 369 |
| 2021 | 3 | 120 | 258 |
| 2020 | 2 | 80 | 156 |
| 2019 | 1 | 40 | 80 |
| कुल | 21 | 960 | 1545 |
| साल | कॉलेज संख्या | तय सीट | परीक्षा में बैठे छात्र |
|---|---|---|---|
| 2023 | 17 | 840 | 1188 |
| 2022 | 15 | 600 | 653 |
| 2021 | 9 | 270 | 370 |
| 2020 | 3 | 110 | 136 |
| 2019 | 0 | 0 | 0 |
| कुल | 44 | 1820 | 2347 |
पिछले साल 30 अप्रेल को हुई सिंडीकेट की 74वीं बैठक में दोषी 40 महाविद्यालयों पर अधिक प्रवेशित 1046 छात्रों की पेनल्टी 5000 रुपए प्रति छात्र वसूली का निर्णय लिया गया। इनमें 33 महाविद्यालयों से अभी तक 26 लाख की वसूली की जा चुकी है और शेष 7 महाविद्यालयों से वसूली प्रक्रियाधीन है।
हालांकि सिंडीकेट की बैठक में तत्कालीन कुलपति प्रो. रामसेवक दुबे और कुलसचिव नरेंद्र कुमार वर्मा ने निजी महाविद्यालयों से वसूली संबंधित नियम नहीं होने का मत रखा था, लेकिन कुलाधिपति प्रतिनिधि प्रो. केशरीनंदन मिश्र, राज्य सरकार की ओर से नामित प्राचार्य हजारी लाल बैरवा, संकायाध्यक्ष सदस्य प्रो. जितेंद्र कुमार अग्रवाल और शिक्षक प्रतिनिधि सदस्य डॉ. स्नेहलता शर्मा ने वसूली करने का बहुमत से अनुमोदन किया।