जयपुर

सारा व्यास की एकल कथक प्रस्तुति ने जीता दिल, घुंघरुओं की झंकार और तबले की थाप पर साकार की वर्षों की साधना

गुलाबी शाम में घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और सुरों की मिठास के बीच जब कथक कलाकार सारा व्यास ने मंच पर प्रस्तुति दी तो राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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Jul 30, 2026
कलाकार की प्रस्तुतियों पर दर्शकों की तालियां उनका हौसला बढ़ाती रहीं।

जयपुर। गुलाबी शाम में घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और सुरों की मिठास के बीच जब कथक कलाकार सारा व्यास ने मंच पर प्रस्तुति दी तो राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को आयोजित ‘अर्पण’ कार्यक्रम की शुरुआत ‘नमामि' प्रस्तुति के साथ हुई, जिसमें पारंपरिक रूप से ईश्वर का स्मरण कर प्रस्तुति की मंगलकामना की गई। इसके बाद उन्होंने प्रस्तुति में चौताल (विलंबित लय) की गंभीरता और पखावज आधारित पारंपरिक बंदिशों ने दर्शकों को कथक की गहराई से रूबरू कराया। कलाकार की प्रस्तुतियों पर दर्शकों की तालियां उनका हौसला अफजाई करती रही।

अर्पण कार्यक्रम के दौरान राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर का सभागार कला प्रेमियों से भरा रहा। कार्यक्रम के दौरान कथक गुरु प्रेरणा श्रीमाली को सम्मानित किया गया। वहीं, ठुमरी प्रस्तुति में राधा-कृष्ण की लीलाओं और भावों को नृत्य-अभिनय के जरिए सजीव रूप से प्रस्तुत किया गया। साथ ही तीनताल (द्रुत लय) में तेज गति की पारंपरिक कथक रचनाओं ने मंच पर ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम का समापन तराना प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने मध्यम से तीव्र गति की लय, सुर और ताल के अद्भुत समन्वय ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान कथक गुरु प्रेरणा श्रीमाली को सम्मानित किया गया।

प्रत्येक प्रस्तुति का दिया संक्षिप्त परिचय

कार्यक्रम में सारा की एकल कथक प्रस्तुति ने ऑडियंस को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा और सौंदर्य से रूबरू कराया। उनकी प्रस्तुतियां उनके वर्षों के प्रशिक्षण और साधना की खूबसूरती को दर्शाती नजर आई। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सारा ने प्रत्येक प्रस्तुति का संक्षिप्त परिचय भी दिया। उन्होंने कथक की पारंपरिक प्रस्तुतियां थाट, उत्थान, आमद, गणेश परन, परन, गत-भाव, अभिव्यक्ति तथा अन्य मनोहारी रचनाएं प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम तबले पर योगेश गंगानी ने संगत की। गौरतलब है कि सारा ने कथक के जयपुर घराने में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वह गुरु मुल्ला अफसर खान एवं गुरु मिनहाज खान की शिष्या हैं।

सजावट ने किया आकर्षित

कार्यक्रम के दौरान सभागार परिसर की बाहर की गई सजावट ने कलाप्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया, जहां कोई सजावट को कैमरे में कैद करता रहा तो कोई वहां सेल्फी लेता नजर आया।

Updated on:
30 Jul 2026 07:29 am
Published on:
30 Jul 2026 12:58 am
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