भाजपा पार्षद और चिकित्सा मंत्री का विवाद पहुंचा पार्टी आलाकमान तक
मालवीय नगर में पानी की टंकी के शिलान्यास समारोह में हुई थी मारपीट की घटना —
जयपुर। मालवीय नगर में पानी की टंकी के शिलान्यास समारोह में वार्ड—53 के पार्षद से हुई मारपीट का विवाद अब भाजपा आलाकमान तक पहुंच गया है। सार्वजनिक कार्यक्रम में मारपीट की घटना से आहत भाजपा पार्षद ने अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे मालवीय नगर में पार्षद और चिकित्सा मंत्री के बीच विवाद गहरा गया है।जानकारी के अनुसार भाजपा पार्षद अशोक गर्ग ने राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री वी सतीश और प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि पार्षद अपनी पत्नी के साथ भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे और मारपीट की घटना के बारे में संगठन पदाधिकारियों को जानकारी दी। मारपीट के बाद के घटनाक्रम से आहत पार्षद ने अपना इस्तीफा भाजपा पदाधिकारियों को सौंप दिया। इस पर संगठन पदाधिकारियों ने पार्षद को कार्रवाई का भरोसा दिलाया और इंतजार करने को कहा।
गर्ग बोले— अब पार्टी को करना है फैसला पार्षद अशोक गर्ग का कहना है कि मैंने अपनी बात पार्टी संगठन के सामने रख दी है। अब फैसला पार्टी को करना है, संगठन पदाधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। संगठन पदाधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं और इंतजार करने को कहा है। यदि पार्टी कार्रवाई नहीं करेगी, तो मैं अपना फैसला करने को स्वतंत्र हूं।
नाम को लेकर हुआ था विवाद गौरतलब है कि 5 अप्रैल को मालवीय नगर के वार्ड—53 में पानी की टंकी का शिलान्यास समारोह आयोजित हुआ था। जिसमें चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ मुख्य अतिथि थे। इसमें स्थानीय पार्षद को ना तो बुलाया गया और ना ही शिलान्यास पट्टिका और आमंत्रण पत्र में पार्षद का नाम लिखवाया गया। इस पर पार्षद ने सवाल उठाए थे, जब पार्षद शिलान्यास समारोह में गए, तो उनके साथ मारपीट की घटना हो गई। इसकी शिकायत अब पार्टी आलाकमान तक पहुंची है। भाजपा के लोग बताते हैं कि कुछ अर्सा पहले तक पार्षद और चिकित्सा मंत्री बेहद करीबी थे। नजदीकियों का आलम ये था कि सराफ ने अशोक गर्ग को मेयर बनाने के लिए लॉबिंग की थी। अब स्थितियां बदल चुकी है।