जयपुर

Education Ranking: बड़ा खुलासा, जानिए राजस्थान में किस जिले की शिक्षा सबसे बेहतर? जारी हुई नई रैंकिंग

Rajasthan Education News: अब नंबरों से तय होगी पढ़ाई की गुणवत्ता! जानिए कौन आगे, कौन पीछे। कुछ जिले टॉप पर, कुछ फिसड्डी क्यों ?

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Feb 09, 2026
एआई तस्वीर

Academic Performance Report: जयपुर। राजस्थान में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने जनवरी–2026 की जिला एकेडमिक रैंकिंग जारी कर दी है। इस रैंकिंग ने साफ संकेत दिया है कि अब केवल प्रशासनिक व्यवस्थाएं ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक प्रगति भी जिलों के प्रदर्शन का आधार बनेगी।

ताज़ा सूची में झुंझुनूं और हनुमानगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। चूरू ने भी उल्लेखनीय सुधार करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि गंगानगर को पीछे छोड़ दिया। वहीं सीकर, भरतपुर और खैरथल-तिजारा क्रमशः चौथे, पांचवें और छठे स्थान पर रहे। दूसरी ओर बांसवाड़ा और जैसलमेर को निचले पायदान पर रखा गया है, जहां विशेष सुधार योजनाएं लागू की जाएंगी।

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टॉप जिलों की रैंकिंग (जनवरी–2026)

रैंकजिला
1झुंझुनूं
2हनुमानगढ़
3चूरू
4सीकर
5भरतपुर
6खैरतल-तिजारा

इस रैंकिंग की खासियत यह है कि इसे पूरी तरह डेटा-आधारित बनाया गया है। छात्रों की नियमित उपस्थिति, कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता, शिक्षकों की मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और शैक्षणिक मूल्यांकन जैसे मानकों को शामिल किया गया है। साथ ही पहली बार कॉम्पिटेंसी-बेस्ड असेसमेंट (CBA), ओरल रीडिंग फ्लुएंसी (ORF) और बोर्ड परीक्षा परिणामों को प्रमुख आधार बनाया गया है, ताकि सीखने के परिणामों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

हर माह सचिव स्तर पर समीक्षा बैठकों के जरिए जिलों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाता है और कमजोर क्षेत्रों के लिए त्वरित कार्ययोजना बनाई जाती है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि जिला रैंकिंग से पारदर्शिता बढ़ी है और अब निर्णय विद्यार्थियों की प्रगति के आधार पर लिए जा रहे हैं। वहीं शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने तकनीक, शिक्षक प्रशिक्षण और नवाचारों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।

इन 10 कारणों से आई रैकिंग

क्रममुख्य बिंदु
1जनवरी–2026 की जिला एकेडमिक रैंकिंग जारी
2झुंझुनूं और हनुमानगढ़ टॉप पर
3चूरू ने तीसरा स्थान हासिल किया
4सीखने के परिणामों को पहली बार प्राथमिकता
5CBA, ORF और बोर्ड परीक्षा शामिल
6उपस्थिति और शिक्षण गुणवत्ता का मूल्यांकन
7फील्ड विजिट से मॉनिटरिंग मजबूत
8हर माह डेटा-आधारित समीक्षा बैठक
9कमजोर जिलों के लिए सुधार योजना
10तकनीक व प्रशिक्षण से गुणवत्ता शिक्षा पर जोर

स्पष्ट है कि यह रैंकिंग केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का प्रभावी औजार बन रही है, जिससे प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था नई दिशा की ओर बढ़ रही है।

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Updated on:
09 Feb 2026 02:47 pm
Published on:
09 Feb 2026 02:45 pm
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