
जयपुर। जयपुर के जोबनेर में स्कूल बस हादसे में घायल छात्रा लक्षिता कुमावत की मौत के बाद सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सुबह निजी स्कूलों की 4 बसों को रोककर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। साथ ही निजी स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार सुबह के समय ग्रामीणों ने सड़क से गुजर रही चार स्कूली बसों को रुकवाया। चारों ही बसों में क्षमता से अधिक बच्चे थे।
इस पर ग्रामीण भड़क गए और स्कूल संचालकों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। साथ ही कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग और जोबनेर पुलिस को सूचना दी। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही जोबनेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद स्कूल संचालकों को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों का हंगामा शांत करवाया।
महलां रोड पर शनिवार सुबह एसयूवी की टक्कर से निजी स्कूल की बस पलटने से गंभीर रूप से घायल हुई डेहरा पंचायत के भूरोदियों की ढाणी निवासी कक्षा 10वीं की छात्रा लक्षिता कुमावत की रविवार को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। लक्षिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया था। शव घर पहुंचा तो परिवार के लोग बिलख पड़े। पूरी ढाणी में मातम पसर गया। गमगीन माहौल के बीच छात्रा का अंतिम संस्कार किया था।
गौरतलब है कि शनिवार सुबह महलां रोड पर अनियंत्रित एसयूवी ने निजी स्कूल की बस को ओवरटेक करने के प्रयास में टक्कर मार दी थी। जिससे 18 बच्चे व एक शिक्षिका घायल हो गए थे। इनमें 15 वर्षीय लक्षिता को गंभीर हालत में जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय में भर्ती कराया था। जहां करीब बीस घंटे तक चले उपचार के बाद उसकी सांसें टूट गई।
लक्षिता के शिक्षकों ने बताया कि लक्षिता इस वर्ष दसवीं कक्षा में थी और पढ़ाई में अव्वल थी। दो6 बहनों और एक भाई में लक्षिता सबसे बड़ी थी। लक्षिता के पिता रतनलाल कुमावत मोबाइल कंपनी में मैकेनिक है जबकि मां ग्रहणी हैं। छात्रा की मौत की खबर के बाद स्कूल में भी शोक की लहर दौड़ गई।
जोबनेर में हुए निजी विद्यालय के बस हादसे के बाद उपखंड अधिकारी नेहा राठी ने निजी विद्यालयों की बसों की जांच के लिए 6 सदस्य कमेटी का गठन किया। तहसीलदार की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी दो दिन में रिपोर्ट सौंपेगी।