जयपुर

जयपुर में चालान से बचने का गजब तरीका… गूगल मैप दिखा रहा, कहां खड़ी रहती है पुलिस

Police Locations on Google Maps: आजकल सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि गूगल मैप अब यह भी बता रहा है कि जयपुर शहर के किस चौराहे पर पुलिस चालान काटने के लिए खड़ी रहती है।

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Feb 04, 2026
जयपुर में गूगल मैप दिखा रहा पुलिस की लोकेशन, पत्रिका फोटो

Police Locations on Google Maps: आजकल सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि गूगल मैप अब यह भी बता रहा है कि जयपुर शहर के किस चौराहे पर पुलिस चालान काटने के लिए खड़ी रहती है। मैप पर ‘यहां पुलिस वाले होते हैं’, ‘हेलमेट पहनें’, ‘चालान काट रहे हैं’ जैसे मैसेज दिखाई दे रहे हैं।

इस दावे की पड़ताल के लिए जब राजस्थान पत्रिका रिपोर्टर ने गूगल मैप पर सर्च किया, तो शहर की तीन जगहों पर इस तरह की जानकारी दिखाई दी। पहला शिप्रा पथ, शांति नगर (मानसरोवर) यहां लिखा था- यहां पुलिस वाले होते हैं। दूसरा बिरला मंदिर चौराहा यहां लिखा था- यहां पुलिस वाले होते हैं। तीसरा दादी का फाटक, झोटवाड़ा यहां लिखा था- पुलिस खड़ी रहती है, हेलमेट पहनें, चालान काट रहे हैं।

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कानून को ठेंगा दिखाने का दावा सच

इनके अलावा और भी कई लोकेशन हो सकती हैं, जिनकी जानकारी सामने नहीं आ पाई। क्योंकि इसे अगल-अलग तरह से सर्च किया जाता है। बताया जा रहा है कि लोग इस जानकारी का इस्तेमाल रास्ता बदलने या पुलिस से बचने के लिए कर रहे हैं। मतलब दावा सच है और स्पष्ट है कि इस तरह की जानकारी कानून को ठेंगा दिखा रही है।

दूसरे राज्यों में भी दिख रहा ऐसा ही मैसेज

गूगल मैप पर सिर्फ जयपुर ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों के मैप पर भी ऐसा देखने को मिला। अम्बेडकर नगर, दिल्ली- पुलिस खड़ी होती है। रामबाग कॉलोनी, उत्तर प्रदेश- यहां पुलिस वाले होते हैं, कृपया हेलमेट लगाएं। दहेली सुजानपुर, कानपुर- चालान काट रहे हैं। चौइथराम चौराहा, इन्दौर- पुलिस खड़ी रहती है साइड से। इन जगहों पर मैप पर ऐसा लिखा मिला। यहां सभी जगहों का उल्लेख नहीं किया गया है और भी ऐसी जगह है।

ये हैं बड़े सवाल

  • क्या गूगल मैप पर पुलिस की मौजूदगी दिखाना सही है?
  • इससे लोग नियमों का पालन करेंगे या पुलिस से बचने के रास्ते खोजेंगे?
  • क्या यह यातायात सुधार है या सिस्टम की कमजोरी?

बाहरी अपराधियों को मिल सकती है मदद

इस तरह की जानकारी सुरक्षा के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है। शहर को जानने वाले लोग तो पहले से जानते हैं कि कहां पुलिस रहती है, लेकिन बाहरी अपराधी, तस्कर या संदिग्ध लोग इसका फायदा उठा सकते हैं। कुछ पुलिसकर्मियों में भी इसे लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे हमारी तैनाती और लोकेशन सार्वजनिक हो रही है, जो गलत है।

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