जयपुर

मालकिन की एक भूल ने नौकर को बना दिया लखपति! अब रह गया पछतावा

नेपाली नौकर का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं करवाया था...
2 min read
• •
Updated: 23 Nov 2017, 6:14 PM IST
indian rupee

जयपुर। प्रताप नगर थाना इलाके में मालिक की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर नौकर ने अलमारी पर हाथ साफ करते हुए सवा लाख रुपए पार कर लिए। खास बात यह है कि मालिक ने इस नेपाली नौकर का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं करवाया था।

पुलिस वेरिफिकेशन में आमजन की लापरवाही की वजह यह है कि पुलिस उन मालिकों के खिलाफ धारा-188 में मामला दर्ज नहीं करवाती है। इसी का खामियाजा पुलिस को वारदात के बाद भुगतना पड़ता है। वारदात के बाद पुलिस को आरोपित की तलाश में दर-दर भटकना पड़ता है।

घर लौटने पर नहीं मिला नौकर
पुलिस के अनुसार जगतपुरा निवासी प्रियंका सांखला ने मामला दर्ज करवाया कि उसने पिछले दिनों घरेलू काम के लिए जनक भंडारी को रखा था। एक दिन वह परिवार के साथ बाहर गई थी पीछे से उसने अलमारी में रखे करीब सवा लाख रुपए पार कर लिए। घटना का पता उसे वापस लौटने पर लगा। जब घर पर जनक भंडारी नहीं मिला तो उसने अपनी अलमारी की जांच की तो उसमें रखे रुपए गायब थे। इस पर पीडि़ता ने पुलिस की शरण ली। पुलिस ने मामला दर्जकर हुलिए के आधार पर नौकर की तलाश शुरू कर दी है।

वारदात के बाद आती है याद
अगर पुलिस की धारा-188 की कार्रवाई की बात की जाए तो हर साल यह संख्या एक दर्जन को भी पार नहीं कर पाती है। इसी का खामियाजा पुलिस को वारदात के बाद भुगतना पड़ता है।

वारदात के बाद पुलिस को आरोपित की तलाश में दर-दर भटकना पड़ता है। नौकर, चालक सहित अन्य कामगारों के वेरिफिकेशन को लेकर समय-सयम पर डीजीपी, पुलिस कमिश्नर सहित अन्य आलाधिकारियों द्वारा निर्देश जारी किया जाता है। जबकि डीसीपी ईस्ट ने मोबाइल एप भी बना रखा है। पुलिस वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी सीएलजी मैम्बर से लेकर बीट कांस्टेबल तक को सौंपी गई है। हर साल नौकर, चालक व अन्य कामगारों द्वारा करीब पचास से अधिक वारदातों को अंजाम दे दिया जाता है। वेरिफिकेशन को लेकर पुलिस को सुध वारदात के बाद ही आती है।

Published on: