तेज और असहनीय सिरदर्द को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
जयपुर। तेज और असहनीय सिरदर्द को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। ऐसा ही एक मामला जयपुर में सामने आया, जहां समय पर जांच और उपचार से एक महिला की जानलेवा स्थिति टल गई। महिला को अचानक तेज सिरदर्द शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे असहनीय हो गया। इसके साथ ही उनकी दाईं आंख की पलक झुकने लगी, उन्हें दोहरा दिखाई देने लगा और आंख से लगातार पानी आने लगा। परिजन उन्हें तुरंत सी के बिरला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञों ने लक्षणों को गंभीर मानते हुए तत्काल जांच की सलाह दी।
सीटी एंजियोग्राफी जांच में सामने आया कि महिला के दिमाग की दाईं इंटरनल कैरोटिड धमनी में दो बड़े एन्यूरिज्म मौजूद हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार के बड़े एन्यूरिज्म के मामले दुर्लभ होते हैं और समय पर इलाज न मिलने पर स्ट्रोक, नसों को स्थायी नुकसान या जानलेवा रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ओपन सर्जरी के बजाय आधुनिक नॉन-सर्जिकल तकनीक अपनाई गई। इस प्रक्रिया में बिना बड़े चीरे के, महीन कैथेटर के जरिए रक्त वाहिकाओं के रास्ते दिमाग तक पहुंचा गया। इसके बाद एन्यूरिज्म के मुहाने पर फ्लो डाइवर्टर स्टेंट लगाया गया, जिससे रक्त का प्रवाह सुरक्षित दिशा में मोड़ा जा सके। साथ ही चयनित कॉइलिंग कर एन्यूरिज्म को रक्त संचार से अलग किया गया।
प्रक्रिया के बाद की जांच में प्रभावित धमनी में सुधार देखा गया। उपचार के बाद महिला की स्थिति तेजी से बेहतर हुई। उनका सिरदर्द खत्म हो गया और आंखों से जुड़ी समस्याएं भी सामान्य होने लगीं। डॉक्टरों की निगरानी में रखने के बाद उन्हें स्थिर अवस्था में छुट्टी दे दी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक तेज सिरदर्द, आंखों में बदलाव, धुंधला या दोहरा दिखना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर बीमारियों को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
दिमाग की रक्त वाहिका (धमनी) की दीवार कमजोर होकर जब गुब्बारे की तरह फूल जाती है, उसे एन्यूरिज्म कहा जाता है। यह स्थिति लंबे समय तक बिना लक्षण के रह सकती है, लेकिन अचानक फटने पर जानलेवा रक्तस्राव हो सकता है। तेज सिरदर्द, आंखों की समस्या, धुंधला या दोहरा दिखना इसके संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच, जैसे सीटी एंजियोग्राफी, से इसकी पहचान संभव है। आधुनिक तकनीकों से बिना ओपन सर्जरी के भी इलाज किया जा सकता है, जिससे मरीज तेजी से ठीक हो सकता है।