जयपुर

Shukravar Ka Upay : बिल्व पत्र, कमलगट्टा चढ़ाकर करें यह पाठ, प्रसन्न हो जाएंगी मां लक्ष्मी

शुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रिय दिन होता है। इस दिन लक्ष्मीजी की प्रसन्नता के लिए उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा शाम के समय करना ज्यादा फलीभूत होती है।
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Sep 25, 2020
Shrisukta , Worship of Goddess Lakshmi , Mantra Of Devi Lakshmi
Shrisukta , Worship of Goddess Lakshmi , Mantra Of Devi Lakshmi

जयपुर. शुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रिय दिन होता है। इस दिन लक्ष्मीजी की प्रसन्नता के लिए उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा शाम के समय करना ज्यादा फलीभूत होती है।

यदि आर्थिक संकट छाया हुआ तो हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करें, धीरे—धीरे इसका लाभ जरूर मिलने लगेगा। शाम के समय स्नान के बाद सफेद वस्त्र पहन कर माता के चरणों में श्वेत और गुलाबी फूल चढ़ाना चाहिए। साथ ही माता को सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार शुक्रवार को सूर्य अस्त होने के बाद पूजा घर में लाल आसन पर बैठकर ही पूजा प्रारंभ करें। देवी के समक्ष धूप-दीप नैवेद्य चढ़ाएं और 16 कमलगट्टा चढ़ाएं। इसके बाद माता की आरती करें। आरती के बाद देवी लक्ष्मी के समक्ष अपनी मनोकामना व्यक्त कर इसे पूरी करने की प्रार्थना करें।

लक्ष्मीजी की प्रसन्नता के लिए श्रीसूक्त का पाठ सबसे ज्यादा परिणाम देनेवाला बताया गया है. पूरा श्रीसूक्त पाठ न कर सकें तो इसके शुरुआती 16 सूक्त का पाठ करें। आर्थिक संकट से जल्द से जल्द उबरने के लिए ये सबसे कारगर उपाय है। लक्ष्मीजी को 16 बिल्व पत्र भी अर्पित कर सकते हैं।

Published on:
25 Sept 2020 09:34 am