
SI Paper Leak: जयपुर। एसआइ भर्ती-2021 का पेपर परीक्षा से पहले कितने अभ्यर्थियों के पास और किसके माध्यम से पहुंचा, इसकी जानकारी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के अनुसंधान अधिकारी जुटा रहे हैं। एसओजी ने चार्जशीट में माना कि बड़ी संख्या में आरोपियों के खिलाफ अनुसंधान अभी बाकी है। वहीं पेपरलीक से जुड़े मोस्ट वांटेड यूनिक भांभू, सुरेश ढाका, विनोद रेवाड़ व हरियाणा गैंग का सुनील मास्टर अभी पकड़े नहीं जा सके। इनके पकड़े जाने के बाद कई बड़े खुलासे होंगे।
चूरू स्थित पूनिया कॉलोनी निवासी यूनिक भांभू उर्फ पंकज पेपर आने से पहले ही हसनपुरा स्थित स्कूल के स्ट्रॉन्ग रूम में छिप गया। पेपर स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचने के बाद भांभू ने लिफाफों की सील तोड़कर पेपर की फोटो खींचकर वाट्सऐप पर भेज दिया था। वहीं सुरेश ढाका ने भी भांभू से पेपर लेकर अपने गिरोह के जरिये बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।
एसओजी के अनुसार वांटेड यूनिक भांभू विदेश भाग गया है। जबकि वांटेड सुरेश ढाका अपने पासपोर्ट से विदेश नहीं गया, लेकिन फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश चला गया, इसकी जानकारी भी नहीं है। वहीं बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों तक पेपर जोबनेर के विनोद रेवाड़ ने भी पहुंचाया।
बीकानेर के अलावा जयपुर में हसनपुरा स्थित बाल भारती स्कूल से पेपर लीक किया गया। आरपीएससी के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा ने भी पेपर बांटा। इन तीनों जगह से पेपर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पास पहुंचे। इसके अलावा हरियाणा के सुनील मास्टर के पास परीक्षा से पहले एसआइ भर्ती परीक्षा 2021 का पेपर पहुंचा। सुनील मास्टर से पेपर लेने वाले कुछ थानेदारों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वांटेड सुनील मास्टर के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि उसने किस-किस को पेपर दिया।
राजस्थान में साल 2023 में नई सरकार बनने के बाद पेपरलीक की जांच के लिए एसआईटी की घोषणा की गई थी। मार्च 2024 से एसआइ पेपरलीक कांड में गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ। एसआइ भर्ती 2021 में पेपर लीक के मामले में एसओजी अब तक 113 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिनमें से 52 प्रशिक्षु थानेदार और 7 चयनित थानेदार है। इसके अलावा 54 पेपरलीक गिरोह के सदस्य, प्रशिक्षु थानेदारों के परिजन, डमी अभ्यर्थी व अन्य लोग गिरफ्तार हो चुके है। वहीं, 9 प्रशिक्षु थानेदारों के खिलाफ कोर्ट में मामला विचाराधीन है।