
Chandi Ka Bhav Aaj: भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में साल 2026 एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जिसने निवेशकों और आम जनता की धड़कनें बढ़ा दी हैं। पिंक सिटी के जौहरियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी द्वारा $100 प्रति औंस का जादुई आंकड़ा पार करने के बाद अब कीमतें एक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही हैं। हालांकि, भारी तेजी के बाद आई अचानक गिरावट ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह "तूफान से पहले की शांति" हो सकती है।
जयपुर सर्राफ समिति (बड़ी चौपड़) के मंत्री अश्विनी तिवारी बताते हैं कि उनके चार दशकों के अनुभव में ऐसी तेजी और गिरावट कभी नहीं देखी गई। जो चांदी वर्षों तक $50 के स्तर को छूने के लिए संघर्ष कर रही थी, उसने महज 100 दिनों (10 अक्टूबर से अब तक) में अपनी कीमत दोगुनी कर ली। तिवारी के अनुसार, "यह असाधारण है और अब पूरा बाजार केंद्र सरकार के आगामी बजट 2026 की ओर देख रहा है, जहां इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव की उम्मीदें लगाई जा रही हैं।"
अनुभवी कारोबारी भीम जैन के अनुसार, चांदी की इस 'रॉकेट रफ्तार' के पीछे ठोस वैश्विक कारण हैं: