जयपुर में चांदी की बढ़ती कीमतों का असर अब मिठाई बाजार पर दिखने लगा है। कई दुकानों पर मिठाइयों में लगने वाला चांदी वर्क सीमित किया जा रहा है। महंगाई के चलते कारोबारी सजावट घटाकर स्वाद और गुणवत्ता पर जोर दे रहे हैं।
जयपुर: ज्वेलरी के बाद अब चांदी की महंगाई का असर मिठाई बाजार पर भी नजर आने लगा है। जो चमक कभी चांदी वर्क से सजी मिठाइयों की पहचान हुआ करती थी, वह अब धीरे-धीरे हल्की पड़ती दिख रही है।
बता दें कि जयपुर शहर की कई मिठाई दुकानों पर सजावटी चांदी वर्क की मात्रा सीमित की जा रही है। हालांकि, इसका मिठाइयों की कीमत पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है। मिठाई कारोबारी माधव सिंह ने बताया कि वर्तमान में चांदी की कीमत तीन लाख रुपए के पार पहुंच चुकी है। ऐसे में पहले की तरह भारी मात्रा में चांदी वर्क लगाना महंगा पड़ता है।
एक चांदी वर्क की गड्डी में करीब 150 पीस आते हैं, जिसकी कीमत छह महीने पहले 600 रुपए थी। जो अब बढ़कर 2500 रुपए तक पहुंच गई है। लागत संतुलन बनाए रखने और ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए सजावट को सीमित कर दिया गया है। कारोबारियों के अनुसार, यह बदलाव केवल सजावटी पहलू तक सीमित है।
हलवाई सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि महंगाई के दौर में ग्राहकों की पसंद में भी हल्का बदलाव देखने को मिल रहा है। त्योहारों शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों में अब लोग सजावट से ज्यादा मिठाइयों के स्वाद और गुणवत्ता को महत्व दे रहे हैं। गृहणी सुनीता ने बताया कि सादी मिठाइयों में भी वही स्वाद मिलता है। इसलिए चांदी वर्क न होने से कोई खास फर्क महसूस नहीं होता।
हमने बंगाली मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगाना बंद कर दिया है। कई मिठाइयों पर चांदी के वर्क की मात्रा कम की गई है और कुछ मिठाइयों जिनमें चांदी का वर्क अनिवार्य रूप से होता है। उनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है।
-नवीन हरितवाल, सदस्य, जयपुर हलवाई एसोसिएशन