Nursing Officer Fraud: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में फर्जी तबादला आदेश जारी होने का बड़ा मामला सामने आया है। निदेशक (जनस्वास्थ्य) के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जारी तबादला सूची ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। खास बात यह है कि नर्सिंग अधिकारी ने खुद के फर्जी तबादला आदेश में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के एक विधायक की अनुशंसा को भी उल्लेखित किया गया है।
Nursing Officer Fraud: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में फर्जी तबादला आदेश जारी होने का बड़ा मामला सामने आया है। निदेशक (जनस्वास्थ्य) के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जारी तबादला सूची ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जयपुर के अशोक नगर थाने में एफआइआर दर्ज करवाई है।
खास बात यह है कि नर्सिंग अधिकारी ने खुद के फर्जी तबादला आदेश में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के एक विधायक की अनुशंसा को भी उल्लेखित किया गया है। पुलिस अब मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की गहनता से जांच कर रही है।
एफआइआर के अनुसार सिरोही जिले के रेवदर ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंडार में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी दिलीप सिंह सोलंकी पर खुद का तबादला करवाने के लिए फर्जी आदेश तैयार करने का आरोप है। आरोपी ने खुद को कोटपूतली-बहरोड़ जिले में लगाने संबंधी आदेश सोशल मीडिया और विभागीय स्तर पर प्रसारित कर दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान के निदेशक (जन स्वास्थ्य) कार्यालय के संज्ञान में यह आदेश आया। जांच में पाया गया कि आदेश पर निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद विभाग ने तत्काल आदेश को निरस्त मानते हुए पुलिस में शिकायत दी।
एफआइआर में उल्लेख है कि आरोपी ने 6 मई 2026 को जारी एक संशोधन आदेश में अपने तबादले का उल्लेख जोड़ते हुए उसे असली आदेश की तरह प्रसारित किया। आदेश में यह भी दर्शाया गया कि तबादला विधायक की अनुशंसा पर किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई, बल्कि जनप्रतिनिधियों की साख पर भी सवाल खड़े करने की कोशिश हुई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी ने कूट रचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ जैसे गंभीर कृत्य किए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआइआर की जांच अशोक नगर थाने के एएसआई को सौंपी गई है और साइबर माध्यमों से भी आदेश के प्रसार की पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा इस फर्जीवाड़े में किन किन लोगों ने आरोपी नर्सिंग अधिकारी की मदद की, इस बिंदू पर भी जांच की जा रही है।