जयपुर

6 सीटर कार में 30 बच्चों को ढुलाई, बाल वाहिनी गाइडलाइन की खुलेआम उड़ाई धज्जियां

Jul 28, 2026
Rajasthan

आंधी. क्षेत्र के गांव-कस्बों में संचालित निजी विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों के परिवहन के लिए लगाए गए वाहनों में सर्वोच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार की बाल वाहिनी गाइडलाइन की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को वाहन में बैठाकर उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। शिक्षा, परिवहन एवं पुलिस विभाग की उदासीनता के चलते ऐसे वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
इलाके में सोमवार सुबह क्षेत्र के गांव रामजीपुरा में ऐसा ही मामला सामने आया। यहां कोलीवाड़ा में संचालित एक स्कूल विद्यार्थियों को लाने-ले जाने में लगी एक 6 सीटर कार में करीब 30 बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस-ठूंसकर स्कूल ले जाया जा रहा था। वाहन में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित एक भी नियम की पालना नहीं थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चालक ने आगे की सीट पर पांच बच्चों को बैठा रखा था। जबकि बीच वाली सीट पर आठ बच्चे बैठे थे, तीन बच्चे उनकी गोद में थे और तीन बच्चे बीच में खड़े थे। पीछे की सीटों पर भी 11 बच्चों को बैठाया गया था। इस प्रकार क्षमता से लगभग चार गुना अधिक बच्चों को वाहन में भरकर परिवहन किया जा रहा था। कार में सवार बच्चों ने बताया कि प्रतिदिन इसी प्रकार उन्हें स्कूल लाया-ले जाया जाता है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन प्रत्येक बच्चे से 1000 रुपए प्रतिमाह परिवहन शुल्क वसूलता है, इसके बावजूद सुरक्षित एवं पर्याप्त वाहन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

बाल वाहिनी संचालन के प्रमुख नियम:::
सर्वोच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 6 सीटर कार में अधिकतम 8 बच्चों को ही बैठाया जा सकता है। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को चालक के साथ आगे वाली सीट पर बैठाना प्रतिबंधित है। स्कूल वाहन का रंग निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए तथा उस पर स्पष्ट रूप से स्कूल बस या स्कूल वाहन अंकित होना चाहिए। वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, स्पीड गवर्नर, फिटनेस प्रमाण पत्र, वैध परमिट एवं बीमा होना अनिवार्य है। चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। वाहन में आवश्यकतानुसार परिचालक (अटेंडेंट) की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि छोटे बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

इनका कहना है....
बाल वाहिनियों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर लाना गंभीर नियम उल्लंघन है। शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
— रामफूल मीणा, एसीबीईओ, आंधी।

Updated on:
28 Jul 2026 06:02 am
Published on:
28 Jul 2026 06:02 am