
जयपुर। राजधानी जयपुर में गैंगवार की आशंका को देखते पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए छह बदमाशों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। कानोता इलाके में दो दिसंबर को दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था। इसमें एक युवक की बुरी तरह से पिटाई की गई थी। इस घटना से गुस्साए दूसरे गैंग के बदमाशों ने बदला लेने के लिए हथियार मंगाए थे। इस बीच जयपुर जिला विशेष टीम (डीएसटी ईस्ट) के कांस्टेबल राजेश व नीरज को गैंगवार की आशंका का पता चल गया।
डीसीपी (ईस्ट) संजीव नैन ने डीएसटी प्रभारी सुखवीर सिंह और रामनगरिया थानाप्रभारी चंद्रभान के नेतृत्व में टीम का गठन किया और संदिग्धों की धरपकड़ शुरू की। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रामनगरिया इलाके में छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, 29 कारतूस और खाली मैग्जीन बरामद की है। आरोपियों से पूछताछ कर हथियार की खरीद-फरोख्त के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
-खालिद खान (24) जगतपुरा
-महेंद्र सिंह गुर्जर उर्फ माही (22) सवाई माधोपुर
-गिरधारी मिरोटा (27) लालसोट
-रवि गुर्जर (20) रामनगरिया
-हनीफ (23) सांगानेर सदर
-नितिन घीया (23) जामडोली
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि रवि गुर्जर जगतपुरा में क्रिकेट ग्राउण्ड चलाता है, जिसकी मेंदला निवासी बाली मीणा से इलाके में वर्चस्व को लेकर लड़ाई चल रही है। दो दिसंबर को बाली मीणा व उसके साथियों ने रवि गुर्जर के साथी सोनू मीणा के साथ कानोता में जबरदस्त मारपीट की। इस मारपीट का बदला लेने के लिए गिरफ्तार आरोपी हथियार सहित एकजुट हुए।
रवि गुर्जर ने अपने साथी खालिद, महेंद्र उर्फ माही, गिरधारी व हनीफ को हथियार लेकर रामनगरिया बुलाया। यहां रवि और नितिन हथियार लेकर मौजूद थे। पूछताछ में सामने आया कि खालिद व महेंद्र ने यह हथियार उपलब्ध करवाए। आरोपियों के खिलाफ रामनगरिया, प्रताप नगर, खोह नागोरियान, कानोता, बस्सी और शिवदासपुरा थानों में कई प्रकरण दर्ज हैं। महेंद्र गुर्जर लालसोट में अपहरण मामले में फरार चल रहा था। आरोपियों की धरपकड़ में डीएसटी के हेड कांस्टेबल अविनाश, डीसीपी ईस्ट साइबर कार्यालय के हेड कांस्टेबल गौरव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।