जयपुर

Rajasthan: तस्करों की ‘खुजली वाली’ साजिश फेल, खाटों पर खुजली पाउडर छिड़क कर भी नहीं रोक पाए पुलिस, ANTF का बड़ा एक्शन

Rajasthan ANTF Operation: दक्षिण राजस्थान के दुर्गम आदिवासी अंचल में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 4 दिन तक चले इस विशेष अभियान में करीब 280 बीघा क्षेत्र में फैली अफीम की अवैध खेती को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर लगभग 484 करोड़ रुपए मूल्य के 7.50 लाख अफीम के पौधे खड़े मिले।

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Mar 06, 2026
नशा तस्करों के खिलाफ एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई, पत्रिका फोटो
नशा तस्करों के खिलाफ एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई, पत्रिका फोटो

Rajasthan ANTF Operation: दक्षिण राजस्थान के दुर्गम आदिवासी अंचल में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 4 दिन तक चले इस विशेष अभियान में करीब 280 बीघा क्षेत्र में फैली अफीम की अवैध खेती को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर लगभग 484 करोड़ रुपए मूल्य के 7.50 लाख अफीम के पौधे खड़े मिले। कार्रवाई की भनक लगते ही तस्करों ने इतनी ही मात्रा में फसल काट दी थी, जिसे टीम ने बरामद कर लिया।

27 फरवरी से 2 मार्च तक चले इस अभियान के दौरान तस्करों ने नदी के पेटे, घने जंगलों और सरकारी जमीन पर अवैध खेती का जाल बिछा रखा था। पुलिस की भारी घेराबंदी के कारण तस्कर कटी हुई फसल ले जाने में नाकाम रहे। इस मामले में अब तक तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

खाटों पर छिड़क दिया कौंच की फली का पाउडर

कार्रवाई के दौरान तस्करों ने पुलिस टीम को रोकने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने खाटों पर कौंच की फली का अत्यधिक खुजली पैदा करने वाला पाउडर छिड़क दिया। जैसे ही कुछ जवान खाटों पर बैठे, उन्हें तेज जलन और खुजली होने लगी। नहाने के बाद भी जब राहत नहीं मिली, तो स्थानीय जवानों की सलाह पर पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया, जिससे खुजली कम हुई। पुलिस ने इसे टीम को रोकने की सोची-समझी साजिश बताया है।

कमांडो की ढाल के साए में चली कार्रवाई

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और तस्करों की ओर से पारंपरिक हथियारों से हमले की आशंका को देखते हुए क्यूआरटी कमांडो ढाल लेकर सबसे आगे चले। उनके पीछे जब्ती और दस्तावेजीकरण की टीम ने मोर्चा संभाला। यह सर्च और जब्ती अभियान लगातार चार दिनों तक जारी रहा।

नदी में बहाए डोडा, पुलिस ने झाड़ियों से किए बरामद

एएनटीएफ की टीम को अपनी ओर आता देख तस्करों ने सबूत मिटाने के लिए बड़ी मात्रा में डोडा नदी में बहा दिए। हालांकि, टीम ने तत्परता दिखाते हुए कुछ दूरी पर झाड़ियों में फंसी इस खेप को बरामद कर लिया।

केवल सीमित क्षेत्रों में ही वैध खेती की अनुमति

भारत में अफीम की वैध खेती के लिए केवल मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ अधिसूचित क्षेत्रों को ही लाइसेंस दिया जाता है। राजस्थान में चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, झालावाड़, बारां, कोटा, भीलवाड़ा और उदयपुर के चुनिंदा हिस्सों में ही इसकी अनुमति है।

आइजी ये बोले…

पूरी दुनिया में फसल के दौरान चीरा लगाकर अफीम निकालने का कानूनी अधिकार केवल भारत के पास है। इसी की आड़ में तस्कर अवैध खेती का विस्तार करने की कोशिश करते हैं। उदयपुर में तस्करों ने टीम को परेशान करने के लिए खाटों पर कौंच की फली का पाउडर लगा दिया था। इसके बावजूद एएनटीएफ ने प्रदेश में नशा सामग्री के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
- विकास कुमार, आइजी, एएनटीएफ राजस्थान

Published on:
06 Mar 2026 09:48 am