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राजस्थान में इन अपराधों पर अब नहीं होगी जेल, देना होगा सिर्फ जुर्माना, विधानसभा में ‘जन विश्वास विधेयक’ पास

राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026 पारित किया। छोटे उल्लंघनों में जेल की सजा हटाकर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने कहा, इससे ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 6 Mar 2026, 9:54 AM IST

Rajasthan Jan Vishwas Bill Passed Jail Terms Removed for Minor Offences Fines Introduced to Boost Ease of Living

राजस्थान विधानसभा (फोटो- पत्रिका)

जयपुर: विधानसभा में गुरुवार को करीब ढाई घंटे की चर्चा के बाद ईज ऑफ लिविंग व ईज ऑफ डूईंग बिजनस को बढ़ाने देने वाला राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया कि इस विधेयक में जो प्रावधान हैं, वे न्यायालयों का क्षेत्राधिकार कम करके अधिकारियों के लिए भ्रष्टाचार का रास्ता खोलने वाले हैं।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह न तो न्यायिक क्षेत्राधिकार को और न ही कार्यपालिका के अधिकारों को कम करने या बढ़ाने के लिए है। न ही न्यायपालिका के अधिकार छीनता है। यह प्रशासनिक सुधार के साथ शासन में नागरिकों का विश्वास बढ़ाने वाला कदम है।

पटेल ने कहा कि पूर्व के 11 अधिनियम छोटे उल्लंघन या तकनीकी चूक के लिए भी कारावास जैसे प्रावधान करते हैं। यह विधेयक गंभीर अपराध करने वालों को राहत देने के लिए नहीं, बल्कि बार-बार अपराध करने वालों को कठोर दंड देने के लिए है।

इन कानूनों में किया संशोधन

  • जन विश्वास विधेयक के माध्यम से वन अधिनियम 1953
  • काश्तकारी अधिनियम 1955
  • नौचालन विनियम अधिनियम 1956
  • भण्डार गृह अधिनियम 1958
  • राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम 1961
  • विद्युत (शुल्क) अधिनियम 1962
  • साहूकार अधिनियम 1963
  • गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989
  • स्टाम्प अधिनियम 1998
  • नगरपालिका अधिनियम 2009
  • जयपुर जलप्रदाय और मलवहन बोर्ड अधिनियम 2018

बिना लाइसेंस भंडारण पर 50 हजार रुपए जुर्माना

राजस्थान भंडार गृह अधिनियम के तहत बिना लाईसेंस भंडारण किए जाने पर पहले एक साल तक का कारावास और 1 हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान था। अब कारावास हटाकर जुर्माना राशि 50 हजार रुपए तक बढ़ाई है।

साथ ही घरेलू पेयजल कनेक्शन के गैर घरेलू उपयोग पर पहले एक वर्ष तक सजा का प्रावधान था, अब सजा के तौर पर प्रतिदिन 200 से 1 हजार रुपए प्रतिदिन तक जुर्माने का प्रावधान किया है।

जल्द आएगा खेजड़ी विधेयक

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य सरकार खेजड़ी संरक्षण के लिए ट्री एक्ट लेकर लाएगी। इस पर विधि विशेषज्ञ अध्ययन कर रहे हैं।

जवाब के बीच मंत्री रावत खड़े हो गए

प्रश्नकाल के दौरान एक क्षण के लिए हास्यास्पद स्थिति बन गई, जब एक ही सवाल के जवाब के लिए दो मंत्री खड़े हो गए। दरअसल, भाजपा के हरि सिंह रावत ने प्रश्न पूछा, जिसका जवाब विधि मंत्री जोगाराम पटेल दे रहे थे।

इसी दौरान पूरक प्रश्न पर जवाब देने के लिए जैसे ही मंत्री पटेल खड़े हुए, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत भी कंफ्यूजन में अपनी सीट से खड़े हो गए। पास बैठे अन्य मंत्रियों ने तुरंत उन्हें संकेत देकर बताया कि प्रश्न का जवाब विधि मंत्री दे रहे हैं।