-15,644 अमानक नमूने मिलने के बावजूद लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई सिर्फ तीन मामलों तक ही सीमित क्यों रही?
-क्या जुर्माना वसूलने के बाद मिलावटखोरों को कारोबार जारी रखने की छूट मिल जाती है?
-13,679 परिवादों के मुकाबले केवल 9 मामलों में सजा, क्या प्रभावी पैरवी की कमी रही?
-चार साल में केवल एक एफआइआर, क्या खाद्य सुरक्षा कानूनों का डर खत्म हो गया है?
-अमानक खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों की सूची सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती?