वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश नाथ भट्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे।
जयपुर। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और भाजपा सरकारों में अतिरिक्त महाधिवक्ता रह चुके वरिष्ठ वकील कैलाश नाथ भट्ट ने एक पोस्ट के जरिए सरकारी सिस्टम की कलई खोल दी। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने अपने बड़े भाई का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं करने की पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि जब मेरी यह हालत है तो आम जन के साथ तो क्या हो रहा होगा? भट्ट की इस पोस्ट से अफसरों में खलबली मच गई और पोस्ट डालने के मात्र छह घंटे के भीतर ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो गया।
भट्ट ने शनिवार को सोशल मीडिया पर नगर निगम में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए किए गए आवेदन की फोटो डाली और लिखा कि ‘मेरे बड़े भाई की मृत्यु तीन दिसंबर, 2025 को हुई। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम सांगानेर कार्यालय के दो चक्कर लगाने पड़े। श्मशान वाले को भी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गलती एक ही है कि मैं दलाल के माध्यम से इसे प्राप्त नहीं कर रहा हूं। ऐसे में आमजन के साथ क्या हो रहा होगा?’
इसके बाद भट्ट ने फिर से पोस्ट लिखी कि जिस गति से आज मुझे बड़े भाई का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया है। आमजन को भी चक्कर न लगाने पड़े, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। आम नागरिक को भी न्याय मिले। कुछ कर्मचारी व अधिकारी के व्यवहार से आमजन में सरकार की बदनामी न हो, ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
भट्ट ने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि मैं पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी नगर निगम चार बार गया। बार-बार कमी बताते गए। फिर पैसे की डिमांड की। प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट का शपथ-पत्र (एफिडेविट) देकर मृत्यु प्रमाण पत्र लिया। निगम के कर्मचारी मृत्यु प्रमाण पत्र की भी रिश्वत लेते हैं, यही हाल है।