जयपुर

Jaipur: ’10 लाख में हुआ सौदा…’, डमी अभ्यर्थी बैठाकर प्लाटून कमांडर बनने वाला युवक गिरफ्तार, ट्रेनिंग से हो गया था फरार

SOG Arrested Accused Rajmohan Meena: जयपुर में एसओजी ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर चयनित हुए 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी राजमोहन मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने दलाल के जरिए 10 लाख रुपए में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई थी।
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Aug 13, 2026
SOG Action
राजमोहन मीणा का फोटो: पत्रिका

SI Recruitment 2021 Paper Leak Case: सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 में फर्जीवाड़ा कर अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाने वाले आरोपी राजमोहन मीणा को एसओजी ने मंगलवार को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने दलाल के जरिए अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा में बैठाया था। परीक्षा पास करने के बाद उसका चयन प्लाटून कमांडर पद पर हो गया था। मार्च 2025 से फरार चल रहे राजमोहन पर एसओजी की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 15 अगस्त तक रिमांड पर लिया गया है।

जांच के अनुसार, चयन के बाद राजमोहन राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (आरपीटीसी), जोधपुर में प्रशिक्षण ले रहा था। एसओजी की कार्रवाई की भनक लगने के बाद वह 22 मार्च 2025 को ट्रेनिंग सेंटर से फरार हो गया था। इसके बाद से वह लगातार गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था। एसओजी को सूचना मिली कि आरोपी जयपुर में करतारपुरा फाटक के पास किराए के कमरे में छिपकर रह रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

10 लाख रुपए में दलाल से किया था सौदा

एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक और फर्जीवाड़े से जुड़े प्रकरण संख्या 10/2024 की जांच के दौरान राजमोहन के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सवाईमाधोपुर के हिंगोनी निवासी राजमोहन मीणा ने परीक्षा पास करने के लिए फर्जीवाड़े के सरगना हनुमान प्रसाद मीणा से संपर्क किया था। दोनों के बीच करीब 10 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।

सौदे के तहत दलाल ने राजमोहन की जगह एक डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया। डमी अभ्यर्थी ने उसकी जगह लिखित परीक्षा दी और राजमोहन परीक्षा में शामिल हुए बिना ही चयन की दौड़ में आगे बढ़ गया। परीक्षा परिणाम के बाद उसकी मेरिट में 1623वां क्रमांक आया और उसका चयन प्लाटून कमांडर पद के लिए हो गया।

मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार, डमी की तलाश जारी

इस मामले में एसओजी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। फर्जीवाड़े में शामिल दलाल हनुमान प्रसाद मीणा को जून 2024 में ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, राजमोहन की जगह परीक्षा देने वाले डमी अभ्यर्थी की अभी पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एसओजी उसकी तलाश में जुटी हुई है।

राजमोहन की गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। रिमांड के दौरान एसओजी आरोपी से परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने, 10 लाख रुपए के लेन-देन और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि फर्जीवाड़े की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे?

Updated on:
13 Aug 2026 07:41 am
Published on:
13 Aug 2026 07:41 am