Rajasthan Solar Park: राजस्थान को मिलेगी नई ऊर्जा, पूगल सोलर पार्क में होगा 17 हजार करोड़ का निवेश। रिन्यूएबल एनर्जी में राजस्थान की बड़ी छलांग, पूगल में बैटरी स्टोरेज के साथ विशाल सोलर परियोजना।
Renewable Energy: जयपुर. राजस्थान सरकार राज्य को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बीकानेर जिले के पूगल क्षेत्र में 2,450 मेगावाट क्षमता का विशाल सोलर पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निविदा जारी कर दी गई है, जिसमें देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियां भाग ले सकेंगी। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 9 मार्च निर्धारित की गई है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि इस परियोजना में सौर ऊर्जा के साथ-साथ 1,600 मेगावाट/6,400 मेगावाट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। इससे राज्य को पीक समय में भी निर्बाध और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह परियोजना राजस्थान को डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड की सहायक इकाई राजस्थान सोलर पार्क डवलपमेंट कंपनी द्वारा आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 4,394 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया जा चुका है। परियोजना को “बिल्ड ऑन ऑपरेट” मॉडल पर विकसित किया जाएगा तथा उत्पादित बिजली का 25 वर्षों तक राज्य के डिस्कॉम्स द्वारा क्रय किया जाएगा।
| क्रमांक | विवरण | जानकारी |
|---|---|---|
| 1 | कुल क्षमता | 2,450 मेगावाट |
| 2 | बैटरी स्टोरेज क्षमता | 1,600 मेगावाट / 6,400 मेगावाट-घंटे |
| 3 | भूमि आवंटन | 4,394 हेक्टेयर |
| 4 | परियोजना मॉडल | बिल्ड ऑन ऑपरेट (BOO) |
| 5 | अनुमानित निवेश | ₹17,000 करोड़ |
| 6 | रोजगार सृजन | लगभग 1,000 रोजगार अवसर |
| क्रमांक | गतिविधि | तिथि |
|---|---|---|
| 1 | बोली डाउनलोड प्रारंभ | 9 जनवरी 2026 |
| 2 | साइट विजिट प्रारंभ | 10 जनवरी 2026 से |
| 3 | प्री-बिड बैठक | 22 जनवरी 2026 |
| 4 | बोली जमा करने की अंतिम तिथि | 9 मार्च 2026 |
| 5 | बोली खोलने की तिथि | 12 मार्च 2026 |
इस सोलर पार्क को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 2,000 मेगावाट सौर क्षमता और 1,320 मेगावाट ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित होगी, जबकि दूसरे चरण में 450 मेगावाट सौर क्षमता विकसित की जाएगी। परियोजना से लगभग 17,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा तथा करीब 1,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य का ऊर्जा भविष्य और अधिक सुरक्षित बनेगा।