स्टार्टअप की दुनिया में तेजी से बढ़ने के साथ राजस्थान में हैकाथॉन के बाद अब आइडियाथॉन होगा।
जयपुर। अब विकास के मामले में जल्द ही राजस्थान की सूरत बदलने वाली है। स्टार्टअप की दुनिया में तेजी से बढ़ने के साथ राजस्थान में हैकाथॉन के बाद अब आइडियाथॉन होगा। यहां उन बच्चों व युवाओं को भी मौका मिलेगा, जिनके पास यूनिक आइडिया हैं लेकिन उन्हें खुद को साबित करने का मौका नहीं मिल रहा। ऐसे आइडिया को स्टार्टअप की शक्ल देने का काम सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (डीओआईटी) करेगा। शुरुआत जयपुर सहित संभाग मुख्यालय से होगी और फिर छोटे शहरों तक में आइडियाथॉन का मंच सजेगा। सरकार का मानना है कि छोटे शहरों, गांव में नए आइडिया देने वाले बच्चे, युवा हैं। डीओआईटी इसका खाका तैयार कर रहा है।
50 अलग-अलग सेक्टर में चल रहा काम
अभी 50 अलग-अलग सेक्टर में स्टार्टअप पर काम चल रहा है। इनमें मुख्य रूप से एग्रीकल्चर, एजुकेशन, हेल्थकेयर, आईटी, फाइनेंस, फूड, ट्रेवल-टूरिज्म से जुड़े स्टार्टअप हैं। विज्ञापन, मार्केटिंग, एयरोनॉटिक्स, एनिमेशन, ऑटोमोबाइल, खेल, सोशल, टेलीकम्यूनिकेशन, ट्रांसपोर्ट, केमिकल, कंस्ट्रक्शन, मेट्रोमोनियल, पैट्स एन्ड एनिमल व अन्य से भी युवा जुड़े हैं।
इतने हो चुके हैं स्टार्टअप—
— 80152 स्टार्टअप हैं देश में
— 3087 स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं राजस्थान में
— 108 यूनिकॉर्न बन चुके स्टार्टअप (स्टार्टअप जिसकी वेल्यूएशन 8200 करोड़ से ज्यादा हो)
— 02 यूनिकॉर्न स्टार्टअप राजस्थान के हैं इनमें
— 7.84 लाख लोगों को रोजगार मिला देश में इन स्टार्टअप के जरिए
— 464 करोड़ का निवेश कर चुकी सरकार स्टार्टअप्स में
— 3345 स्कूली बच्चे जुड़ चुके हैं आईस्टार्ट मुहिम से यहां
यहां से बढ़े कदम
जयपुर में पिछले दिनों हुए हैकाथॉन में 3 हजार से ज्यादा बच्चे ऑफलाइन शामिल हुए। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर एक लाख लोगों ने भागीदारी की। इसमें ग्रामीण व छोटे शहरों के बच्चों, युवाओं के काम ने फोकस किया। सीकर, बीकानेर, भीलवाड़ा सहित छोटे कस्बों के बच्चों ने यूनिक स्टार्टअप शुरू किया।