
जयपुर . विज्ञान की पढ़ाई करने वाले प्रदेश के सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को देश के करीब 20 बड़े संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ विज्ञान में में हो रहे परिवर्तनों को समझने और काम करने का मौका मिल सकेगा। इस योजना की पहल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान सरकार(डीएसटी) ने की है। इसके योजना के तहत विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर कर रहे छात्रों को बड़े वैज्ञानिकों के साथ लैब में भी काम करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए छात्रों को 16 मार्च तक डीएसटी कार्यालय में कार्य योजना देनी होगी।
जा सकेंगे सौ छात्र
छात्रों की कार्य योजना सब्मिट करने के बाद डीएसटी की ओर से गठित कमेटी आवेदनों का परीक्षण करेगी। इनमें से सौ छात्रों का चयन किया जाएगा। ये चयनित छात्र मई से जून माह में आठ सप्ताह तक के लिए विभिन्न संस्थानों में जाकर काम करेंगे और सीखेंगे। इन चयनित सौ छात्रों को डीएसटी की ओर से फैलोशिप भी दी जाएगी।
डीएसटी आयुक्त एन.एल. मीना ने बताया की यह योजना राज्य के उन मेधावी विद्यार्थियों को लक्ष्य करके बनाई गई है, जो कि हिंदी माध्यम के होने के कारण एवं जानकारी के अभाव में प्रतिष्ठित संस्थानों में अवसरों को हासिल नहीं कर पाते हैं।
इन संस्थानों में मौका
सेंट्रल सॉल्ट एंड मरीन कैमिकल्स रिसर्च इंस्टीट्यूट -सीएसआईआर भावनगर गुजरात
नेशनल केमिकल लेबोरेट्री-सीएसआईआर, पुणे- सीरी पिलानी
इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिकल साइसेंज, चेन्नई- हरिशचंद्र रिसर्च इंस्टीट्यूट, इलाहबाद
इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रो फिजिक्स बेंगलूरु
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, मोहाली
इंस्टीट्यूट ऑफ नेनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मोहाली
सेंटर फॉर सेलूलर एंड मोलिक्यूलर बायोलॉजी, हैदराबाद
आईआईटी चेन्नई
ट्रांसलेशनल हैल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट फरीदाबाद
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांट जेनोम रिसर्च, दिल्ली
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जेनोमिक, कल्यानी
अगरकर रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे
आईआईसीटी, हैदराबाद
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पुणे
रीजनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी, फरीदाबाद
नेशनल फिजिकल लेबोरेट्री, दिल्ली- आईआईटी भिलाई