जयपुर

Success Story: कौन है 71 साल की उम्र में CA बनने वाले ताराचंद अग्रवाल, पत्नी की मौत के बाद लाइफ में आया टर्निंग पॉइंट

CA Tarachand Agarwal: कोविड के दौरान उनकी पत्नी दर्शना अग्रवाल का निधन हो गया। दोनों पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ दिन के लगभग 21 घंटे बिताते थे। पत्नी के जाने के बाद उनका रूटीन टूट गया और वे डिप्रेशन में चले गए।

2 min read
Jul 14, 2025
पत्नी के साथ CA ताराचंद अग्रवाल (फाइल फोटो : पत्रिका)

Real Life Motivational Story: ताराचंद अग्रवाल 71 साल की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बने हैं। साल 2014 में वे स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (अब SBI) से असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुए थे। बैंक में काम करते हुए भी उन्होंने कई ट्रेनिंग कोर्स किए, 1988 में उन्होंने C.A.I.I.B भी पास किया था।

ये भी पढ़ें

SDM थप्पड़कांड: 8 महीने बाद जेल से छूटे नरेश मीणा, सीधे समरावता के लिए रवाना; समर्थकों में खुशी की लहर

पत्नी की मौत ने झकझोर कर रख दिया

नवंबर 2020 में कोविड के दौरान उनकी पत्नी दर्शना अग्रवाल का निधन हो गया। दोनों पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ दिन का लगभग 21 घंटे बिताते थे। पत्नी के जाने के बाद उनका रूटीन टूट गया और वे डिप्रेशन में चले गए। घरवाले उनके साथ थे लेकिन मन नहीं लग रहा था। तब उन्होंने गीता पढ़ना शुरू किया जिससे उन्हें मानसिक शांति मिली।

परिवार के साथ CA ताराचंद अग्रवाल (फोटो: पत्रिका)

परिवार के साथ CA ताराचंद अग्रवाल (फाइल फोटो: पत्रिका)

बेटों और पोती ने बढ़ाया हौसला, शुरू की CA की तैयारी

ताराचंद के दोनों बेटे टैक्स और CA फील्ड में हैं। एक दिन उन्होंने कहा कि वे PHD करना चाहते हैं, तब बच्चों ने CA करने की सलाह दी।

कैसे शुरू की पढ़ाई?

जुलाई 2021 में CA में रजिस्ट्रेशन कराया।
मई 2022 में फाउंडेशन एग्जाम पास किया।
जनवरी 2023 में इंटरमीडिएट क्लियर किया।
मई 2024 में फाइनल एग्जाम में असफल हुए,
मई 2025 में फाइनल पास कर गए और बन गए चार्टर्ड अकाउंटेंट।

ये रही पढ़ाई की स्ट्रेटजी

ताराचंद ने कोचिंग नहीं ली। यूट्यूब और किताबों से ही पढ़ाई की। वे रोज़ 10 घंटे पढ़ते थे और 2 से 4 घंटे लिखने की प्रैक्टिस करते थे क्योंकि उनके दोनों कंधों में दर्द था। उन्होंने हर विषय को समझकर पढ़ा, रटने की बजाय उसे आसान भाषा में शॉर्ट नोट्स बनाकर रिवीजन किया। वे पुराने जमाने की पढ़ाई की तरह हर टॉपिक को पढ़कर उसका सार समझते और नोट बनाते थे।

परिवार बना सबसे बड़ा सपोर्ट

उनके बड़े बेटे ललित अग्रवाल दिल्ली में CA हैं और छोटे बेटे अमित टैक्स प्रैक्टिस में हैं। दोनों बहुएं और पोतियां भी हमेशा मोटिवेट करती रहीं। इसी प्यार और सपोर्ट से वे दोबारा खड़े हुए और ये सफलता हासिल की।

ये भी पढ़ें

सीकर मास्टर प्लान के विरोध में 50 से ज्यादा गांव-ढाणी, स्टेडियम की जगह बदल सकती है तो और क्यों नहीं?

Updated on:
15 Jul 2025 10:43 am
Published on:
14 Jul 2025 04:40 pm
Also Read
View All

अगली खबर