
sanitation ranking: जयपुर। स्वच्छ भारत मिशन (MOHUA) की संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा ने बुधवार को प्रदेश के स्वच्छता प्रयासों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नगर निकायों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाले अहम निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि “स्वच्छता केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए” और सभी निकायों से मिशन मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा की।
बैठक में प्रदेश के 240 नगर निकायों के साथ 79 नए निकायों को मिशन में तेजी से शामिल करने पर जोर दिया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के परिणामों की समीक्षा के दौरान डूंगरपुर की रैंकिंग में गिरावट पर चिंता व्यक्त की गई। मिश्रा ने निर्देश दिए कि डूंगरपुर हर पैरामीटर का गहन विश्लेषण कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए, वरना SSL (स्वच्छता स्कोर लिस्ट) से बाहर होने का खतरा रहेगा।
शासन सचिव रवि जैन ने स्वच्छ वार्ड रैंकिंग में सुधार के लिए हर निकाय को अपने सभी वार्डों को स्वच्छ बनाए रखने और उत्कृष्ट कार्यों को मासिक पुरस्कार देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निकायों को “नोडंपिंगसिटी” घोषित करने का भी संकल्प लेने को कहा।
जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज क्षेत्रों सहित उदयपुर व डूंगरपुर के लिए दिसंबर से शुरू होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारियों पर विशेष बल दिया गया। लक्ष्य तय किया गया कि ये शहर आगामी सर्वेक्षण में देश के शीर्ष 5 में अपनी जगह पक्की करें।