पीएम मोदी ने देश के करोड़ो युवाओं के लिए की इस ख़ास प्रोजेक्ट की घोषणा, हर युवा को मिलेगा फ़ायदा
जयपुर ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को रेड़ियो प्रोग्राम मन की बात के जरिए सवा सौ करोड़ देशवासियो को संबोधित किया। यह पीएम मोदी की 43वीं मन की बात प्रोग्राम था। जिसे ऑल इंडिया रेडियो, यूट्यूब और दूरदर्शन के माध्यम से दिखाया गया। पीएम ने मन की बात में आज देश के एथलीट्स को कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात के दौरान देश के युवाओं को भी एक नए प्रोजेक्ट के लिए आमंत्रित किया। मोदी ने इस दौरान बताया कि सरकार के तीन मंत्रालयों ने देश के युवाओं के लिए छुट्टी के दौरान ‘स्वच्छ भारत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप’ की शुरूआत की है, इस कार्य में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पुरस्कृत किया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रिय स्तर पर शुरू हुआ है। मोदी ने युवाओं से Swachh Bharat Summer Internship 2018 में जुड़ने के लिए अपील भी की। साथ ही कहा कि स्वच्छ भारत हमारा संकल्प है और देश के सवा-सौ करोड़ देशवासियों को इसमें योगदान देना होगा। मोदी ने कहा कि परीक्षा खत्म होने के बाद देशभर के युवा छुट्टियों का आनंद लेने और कुछ नया सीखने के लिए समर इंटर्नशिप करते हैं, जो कि देश के लिए अच्छी बात है।
जानें क्या है स्वच्छ भारत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप
भारत सरकार के तीन मंत्रालयों ने देश के युवाओं के लिए परीक्षा खत्म होने के बाद गर्मियों की छुट्टीयों में ‘स्वच्छ भारत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप’ शुरू की है। इस इंटर्नशिप में अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवाओ को नेशनल लेवल पर पुरस्कार दिया जाएगा और ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की ओर से एक प्रमाणपत्र भी दिया जायेगा। साथ ही कार्यक्रम को सफलतापूर्वक करने वाले युवाओं को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग युवाओं को दो क्रेडिट पॉइंट भी देगा।
राजस्थान का भी किया जिक्र
इस बार के सब्बोधन में फिर से पीएम मोदी ने राजस्थान का ज़िक्र किया। उन्होंने राजस्थान के पोकरण परमाणु परीक्षण केंद्र को लेकर कहा कि 20 साल पहले किए गए पोखरण-2 परमाणु परीक्षणों ने दुनियाभर में भारत की परमाणु क्षमता का लोहा मनवाया था। मोदी ने संबोधन में कहा, ''11 मई, 1998 को देश के पश्चिमी छोर में राजस्थान के पोकरण में परमाणु परीक्षण किया गया था। पोखरण परीक्षण हुए 20 साल हो गए हैं और यह परीक्षण महात्माप बुद्ध के आर्शीवाद के साथ बुद्ध पूर्णिमा के ही दिन हुआ था। भारत का परमाणु परीक्षण सिर्फ सफल ही नहीं रहा बल्कि इसके जरिए भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी ताकत का भी लोहा मनवाया था।